“निर्मली” एक सदाबहार वृक्ष

निर्मली एक सदाबहार वृक्ष हैं, जिसे मध्यभारत का अखरोट भी कह सकते है ..इसके बीजों के चूर्ण या बीज को जल से भरे हुए पात्र में थोड़ा घीसकर डालने से जल की समस्त गन्दगी नीचे बैठ जाती है… भारत में यह पश्‍चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, दक्षिण भारत के पर्णपाती वनों में 1,200 मीटर की ऊँचाई तक, मध्य भारत, कोंकण एवं महाराष्ट्र में तथा श्री लंका में पाया जाता है….।

नेत्र रोग,खांसी,हैजा ,पेट के कीड़े,अतिसार,प्रमेह,संधिशूल,घाव,कुष्ठ व त्वचा रोग आदि में इसके उपयोग अत्यंत लाभकारी है…।
बिच्छू काटने पर इसके फल को घिस कर दंशस्थान पर लेप करने से काफी आराम मिलता हैं…।

(कृपया किसी भी प्रकार का खाद्य या औषधीय उपयोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन से करे )

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