अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में निकाय व पंचायत चुनाव में बड़ी जीत के बाद अब शुद्धिकरण की सियासत शुरू हो गई है। मीनल चौबे व पूजा विधानी के बाद अब अंबिकापुर की नवनिर्वाचति मेयर ने कहा है कि मैं प्रयागराज गई थी, वहां से जल लेकर आई हूं। कुर्सी पर बैठने से पहले मैं दफ्तर का शुद्धिकरण करूंगी। 10 साल तक नगर निगम के साथ शहर को अशुद्ध किया गया, उसके शुद्धिकरण की जरूरत है। मैने आयुक्त को निर्देश दिया है कि कुर्सी और दफ्तर सब कुछ बदल जाना चाहिए। मैं निगम की पहली हिन्दू महापौर हूँ, मैं रीति रिवाज के साथ शुद्ध कुर्सी पर बैठूंगी।
दरअसल, महापौर मंजूषा ने शुद्धिकरण की बात तो कही ही साथ ही शहर को शुद्ध करने के साथ निगम की कुर्सी व चेंबर में बदलाव के निर्देश आयुक्त को देने की बात कह दी। मंजूषा यही नहीं रुकी बल्कि उन्होंने धर्म को राजनीति में लाते हुए कहा कि वो पहली हिन्दू महापौर हैं, ऐसे में वो शुद्ध कुर्सी पर बैठेंगी।
इस बयान के बाद पूर्व महापौर डॉ अजय तिर्की ने कहा कि भाजपा के लोग ही इस तरह की बयानबाजी कर सकते हैं। अजय तिर्की ने कहा कि अब विकास को छोड़कर इसी तरह की बात ही होगी। यही नहीं तिर्की ने ये भी सवाल किया कि वो पहली हिन्दू महापौर होने की बात कहकर अपने पूर्व महापौर प्रबोध मिंज पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे में मंजूषा भगत का प्रबोध मिंज को लेकर क्या मत है वो भी स्पस्ट करना चाहिए।
बता दें कि रायपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर और पार्षद आज शपथ लेंगे। इसी तरह अन्य निकायों में भी अलग-अलग तारीख को शपथ समारोह होगा लेकिन इससे पहले की रायपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर के महापौर ने गंगाजल से शुद्धिकरण की बात कही है। जिस पर वार पलटवार शुरू हो गया है।