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लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेशाध्यक्ष करीम खान ने छ.ग. रेंजर्स एसोसिएशन की मांगों का किया समर्थन

बीबीसी लाईव/खबर 30 दिन

अब्दुल सलाम क़ादरी(एडिटर इन चीफ)

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बीबीसी लाइव/खबर 30 दिन

  • मुख्यमंत्री, वन मंत्री, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों को दिया जाएगा मांग पत्र..

बीबीसी लाइव/खबर 30 दिन. छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर एसोसिएशन की महती बैठक पंडरी रायपुर स्थित रेंजर एसोसिएशन भवन के प्रांतीय कार्यालय में संपन्न हुई जहां प्रदेशभर से जुटे एसोसिएशन के पदाधिकारियों (वन परिक्षेत्र अधिकारियों) ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ज्ञापन सौंपा गया है. एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष व खैरागढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी व्ही.एन. दुबे ने बताया कि रविवार 18 जुलाई को छत्तीसगढ़ फॉरेस्ट रेंजर एसोसिएशन के द्वारा आम सभा आहूत की गई जिसमें प्रत्येक वन मंडल एवं वन वृत्त के अधिकांश वन परिक्षेत्र अधिकारी उपस्थित थे जहां सर्वसम्मति से 8 सूत्रीय जायज मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया है और पारित प्रस्ताव को लेकर मांग पत्र मुख्यमंत्री, वन मंत्री, मुख्य सचिव, प्रधान वन संरक्षक सहित विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया गया है.

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श्री शेख अब्दुल करीम (प्रदेश अध्यक्ष- लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी)

वही पर लोकतंत्र कांग्रेस पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष करीम खान ने BBC LIVE एवं खबर 30 दिन से बात करते हुवे कहा है कि रेन्जर्स असोसिएशन द्वारा जो मांग रखा गया है वह पूर्णतः जायज माँग है और हम इस मांग का पूर्णतः समर्थन करते है  साथ ही उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सब मिलाकर करीब 400 वन रेंज है लगभग उन सभी रेंज मे वर्तमान में डिप्टी रेंजरों को प्रभार  दिया गया है तथा नए थ्री स्टार रेंजरो की भर्ती भी हुई है उनका प्रशिक्षण भी हों चुका है उन सभी की उपरोक्त खाली पड़े रेंज में नियुक्ति हो जानी चाहिए थी परन्तु उन्हें फिर से उपरोक्त समस्त रेंज में  प्रभारी डिप्टी रेंजरो के नीचे रखकर पुनः 6 माह का प्रशिक्षण देने की बात सामने आ रही है यहां यह बताना लाजमी होगा कि क्या एक डिप्टी रेंजर जो दो स्टार होता है उसके नीचे किसी थ्री स्टार रेंजर को प्रशिक्षण के लिए रखा जा सकता है ?, वन विद्यालय में प्रशिक्षण हो तो बात अलग है लेकिन रेंज में दो स्टार डिप्टी रेंजर अपने नीचे तीन स्टार रेंजर  को प्रशिक्षण देगा? और तो और ये प्रभारी रेंजर जो दो स्टार है ये अधिकांश 7 वी 8 वी पास लोग हैं और ये तीन स्टार डारेक्ट रेंजर्स जो MSC, M-TEC है उन्हें ये प्रशिक्षण देंगे, ये बात हजम नही हो रही है। ये तो उन डारेक्ट रेंजरों का मनोबल तोड़ने वाली बात है। रेंजर्स एसोसिएशन की एक और मांग की प्रदेश में एक ही भुगतान प्रणाली हो इसपर भी करीम खान ने चुटकी लेते हुवे कहा कि ये भुगतान प्रणाली पर तो मैं डॉ रमन सरकार के समय से ही सवाल उठा रहा हूँ, इस मामले में मेरा वर्तमान CM साहब व वनमंत्री जी से सवाल है कि भारत सरकार व राज्य सरकार के राजपत्र में प्रकाशित वित्त नियम को एक जिले का कलेक्टर कैसे चेंज करते हुवे नगद भुगतान की अनुमति दे सकतें है ? छत्तीसगढ़ में तो बस्तर व अम्बिकापुर संभागों के सभी जिलों में कलेक्टर ऐसे नियमविरुद्ध अनुमति दे रहें हैं, इसकी जानकारी राज्यशासन को नही है ऐसा भी नही है पर फिर भी राज्य शासन मौन है ये समझ से परे है। उनसे प्रभारी अधिकारी बनाए जाने के विषय पर सवाल किए जाने पर उन्होंने ये भी कहा कि प्रभारी अधिकारी की पदस्थापना कोई नई बात नही है हर सरकार ऐसा करती है सरकार के सामने अपने विधायकों सांसदों कार्यकर्ताओं को भी मैनेज करने का  दबाव रहता है इसलिए ये उनके खासमखास लोगो को प्रभारी बनाकर  सामंजस्य स्थापित करतें हैं, इसलिए मैं इसका विरोध नही करता पर इसपर मेरा कहना है कि आप अधीनस्थ पदों को मतलब डिप्टी-रेंजर, रेंजर, उपवनमंडलाधिकारी, वनमंडलाधिकारी, मुख्य वन संरक्षक स्तर के सभी पदों का वर्गीकरण कर लें अर्थात A, B, C में बांट दें, और ये निश्चित कर दें कि कोई बड़ा रेंज है जो ग्रेड A में आता है उसमें कोई भी उपवनमंडलाधिकारी की पदस्थापना की जा सकती है ग्रेड B में केवल 3 स्टार रेंजर की पदस्थापना ही होगी व ग्रेड C में डिप्टी-रेंजरों बिठाया जाएगा।

बिल्कुल इसी तरह ऊपर बताए गए विभाग के सभी पदों पर नीति बना लिया जाए जिससे किसी भी कर्मचारी व अधिकारी को तथा सत्तापक्ष (राज्यशासन) के पार्टी के नेताओ को भी कोई दिक्कत नही होगी।

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साथ ही करीम खान द्वारा इस खबर में लिखी बातों और रेन्जर्स एसोसिएशन की मांगों का समर्थन करते हुए *खुद मुख्यमंत्री/वनमंत्री मो.अकबर*  से मांग करने की बात कही।

एसोसिएशन की 6 सूत्रीय मांगों में बताया गया है कि प्राय: रेंजरों के संबंध में पत्राचार अराजपत्रित शाखा से किया जा रहा है जबकि रेंजर राजपत्रित अधिकारी होते हैं, इसके लिये राजपत्रित शाखा से पत्राचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है वहीं प्रदेश भर में एक प्रकार की भुगतान प्रणाली लागू किये जाने की मांग की गई है जिसमें कहा गया है कि यदि मनरेगा पद्धति से भुगतान हो तो पूरे प्रदेश में यही पद्धति लागू हो या कैश भुगतान हो तो पूरे प्रदेश में कैश भुगतान की प्रक्रिया लागू की जानी चाहिये. बताया गया है कि प्रदेश के विभिन्न वन मंडलों में जूनियर अधिकारियों-डिप्टी रेंजरों को प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी का पद देकर पदस्थ किया जा रहा है लेकिन कोई भी डिप्टी रेंजर (प्रभारी वन परिक्षेत्र अधिकारी) का सील का उपयोग नहीं कर परिक्षेत्र अधिकारी का सील लगा रहा है जो कि नियमों के विरूद्ध है और वन परिक्षेत्र अधिकारी के पद व गरिमा का दुरूपयोग है साथ ही बताया गया कि नये नियुक्त वन क्षेत्रपालों को जो कि वर्तमान में परिक्षेत्र सहायक का प्रशिक्षण ले रहे हैं सितम्बर 2021 तक प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात तत्काल डिप्टी रेंजर जो प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी के पद पर हैं उन्हें हटाकर पूर्णकालीक वन परिक्षेत्र अधिकारी को पदस्थ किया जाना चाहिये. नवनियुक्त वन क्षेत्रपालों को प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी (डिप्टी रेंजर) के अधीन रखकर प्रशिक्षण नहीं कराये जाने की भी मांग करते हुये कहा गया है कि यह भी पद की गरिमा के विरूद्ध है वहीं प्रत्येक वन मंडलाधिकारी को पत्र लिखकर यह सूचित करने की मांग की गई है कि कोई भी प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र अधिकारी की सील मुद्रा का प्रयोग न करें, नियमत: प्रभारी परिक्षेत्र अधिकारी की सील मुद्रा का प्रयोग किया जाना चाहिये अन्यथा महालेखाकार को सूचना देकर एसोसिएशन विधिवत कार्यवाही हेतु बाध्य होगा. एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष व्ही.एन. दुबे ने बताया कि उक्त मांगों के संबंध में एसोसिएशन का एक प्रतिनिधि मंडल आगामी 31 जुलाई को स्वयं मिलकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक से उक्त मांगों के विषय में चर्चा करेगा जिसके लिये पृथक से समय की मांग की गई है साथ ही यह भी कहा गया है कि मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं होने पर एसोसिएशन 17 अगस्त से चरणबद्ध आंदोलन के लिये बाध्य होगा और प्रदेश के समस्त रेंजर अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे जिसके लिये पूर्णत: प्रशासन उत्तरदायी रहेगा. बैठक में प्रांतीय महासचिव राजेश नांदुलकर, प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार भट्ट, सलाहकार जेजे आचार्या, संरक्षक उमेश कुमार सिंह, प्रांतीय उपाध्यक्ष सुयश धर दीवान, संजय रौतीया, राकेश चौबे, प्रांतीय सचिव गोविंद सिंह, एनके सिन्हा, कोषाध्यक्ष देवेन्द्र गोंड़, वृत्त अध्यक्षगण जयकांत गंडेचा रायपुर, राजकुमार धु्रव जगदलपुर, निश्चल शुक्ला बिलासपुर, अशोक तिवारी सरगुजा, देवलाल दुग्गा कांकेर, अनिल बम्बार्डे दुर्ग सहित प्रदेशभर के रेंजर्स उपस्थित थे.

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