March 7, 2026 11:48 am

अजमेर शरीफ में 814वें उर्स पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से चादरपोशी, डॉ. सलीम राज ने की अमन-चैन की दुआ

रायपुर/अजमेर।
अजमेर शरीफ दरगाह में हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती (रह.) का 814वां उर्स मुबारक श्रद्धा, आस्था और सूफियाना परंपराओं के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दरगाह परिसर और आसपास के इलाकों में सूफियाना कलाम की गूंज है। देश-विदेश से लाखों जायरीन दरगाह में हाज़िरी लगाकर मखमली चादर पेश कर ख्वाजा गरीब नवाज़ से अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांग रहे हैं।

इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त डॉ. सलीम राज ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की ओर से अजमेर शरीफ दरगाह में विशेष चादर पेश की। यह चादर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने प्रतिनिधि के रूप में डॉ. सलीम राज को मुख्यमंत्री निवास में सौंपी थी। चादरपोशी के दौरान डॉ. राज ने छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश की तरक्की, अमन-चैन और आपसी भाईचारे के लिए विशेष दुआ की।

इस अवसर पर डॉ. सलीम राज ने कहा कि अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर पेश करना एक महत्वपूर्ण धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा है, जिसे श्रद्धा, सम्मान और मन्नत का प्रतीक माना जाता है। यह सूफी परंपरा का अभिन्न हिस्सा है, जिसके माध्यम से हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह.) के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। उर्स के दौरान चादरपोशी इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अजमेर शरीफ का उर्स केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का जीवंत प्रतीक है। यहां हर वर्ग, हर धर्म और हर क्षेत्र के लोग शामिल होकर ख्वाजा साहब की शिक्षाओं—प्रेम, करुणा और सेवा—से प्रेरणा लेते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के मंत्र की भावना को अजमेर शरीफ का उर्स और अधिक सशक्त करता है। छत्तीसगढ़ की ओर से मुख्यमंत्री द्वारा पेश की गई चादर प्रदेश की जनता की सूफी परंपरा, सद्भाव और भाईचारे के प्रति आस्था का संदेश देती है।

उर्स के इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे, जिनमें अल्पसंख्यक छत्तीसगढ़ कोषाध्यक्ष फैजान अहमद, रायपुर अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी, दुर्ग शहर के पार्षद खालिक रिज़वी, शेरू फैजान, इक़बाल हक, यूसुफ हुसैन, अमन राज, जुल्फिकार, विकी मुनव्वर, वसीम मजहर, मिर्जा सोहेल अहमद, चिंटू राम, काशिफ, सैयद साहब, मौलाना यूसुफ, साजिद, विकी बॉक्स, हुसैन, हर्ष राज, गुड्डू सहित अनेक लोग शामिल रहे।

इस प्रकार, अजमेर शरीफ का 814वां उर्स मुबारक श्रद्धा, प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हुए देश-विदेश के लाखों जायरीनों को एक सूत्र में बांध रहा है। ख्वाजा गरीब नवाज़ की दरगाह पर पेश की गई चादर प्रदेश की ओर से आस्था और सम्मान का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को भी इंसानियत और सद्भाव का संदेश देती रहेगी।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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