मुंबई
मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में लेवल-1 स्टैंड का नाम रवि शास्त्री के नाम पर रखा गया। तीन गेट भी दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडुल्जी के नाम समर्पित होंगे। मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में क्रिकेट फैंस के लिए बड़ी खबर आई है। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) ने 27 फरवरी को हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्टेडियम के प्रेस बॉक्स के नीचे स्थित लेवल-1 स्टैंड का नाम पूर्व भारतीय ऑलराउंडर और कोच रवि शास्त्री के नाम पर रखने का फैसला किया। यह कदम उनके खिलाड़ी, लीडर और कोच के रूप में योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
MCA के अध्यक्ष अजिंक्य नाइक ने कहा कि मुंबई क्रिकेट उन दिग्गजों की मजबूत नींव पर खड़ा है। उन्होंने बताया कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन खिलाड़ियों का सम्मान करें जिन्होंने शहर और देश का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि प्रेस बॉक्स के नीचे लेवल-1 स्टैंड का नाम रवि शास्त्री के नाम पर रखने का प्रस्ताव उनके अतुलनीय योगदान को मान्यता देने के लिए है।
मुंबई क्रिकेट में शास्त्री बड़ा नाम
रवि शास्त्री ने मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे मैच खेले। उन्होंने टीम इंडिया को 2017 से 2021 तक कोचिंग दी। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2019 के ODI वर्ल्ड कप में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। इसके अलावा, उनकी कोचिंग में भारत ने 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया में अपनी पहली टेस्ट सीरीज जीती और 2020-21 में उसी ऐतिहासिक जीत को दोहराया।
पहले तीन खिलाड़ियों को मिल चुका है सम्मान
MCA ने रवि शास्त्री के सम्मान के अलावा स्टेडियम के तीन गेटों को भी महान खिलाड़ियों के नाम समर्पित करने का निर्णय लिया। अब ये गेट दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडुल्जी के नाम से जाने जाएंगे। दिलीप सरदेसाई ने 1971 के वेस्टइंडीज दौरे में 642 रन बनाकर भारत की ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत में अहम योगदान दिया। एकनाथ सोलकर शॉर्ट लेग पर बेहतरीन कैचिंग के लिए प्रसिद्ध थे। वहीं, डायना एडुल्जी भारतीय महिला क्रिकेट की अग्रणी हस्तियों में से एक हैं और उन्होंने 22 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की।
MCA अध्यक्ष ने किया ऐलान
अजिंक्य नाइक ने कहा कि वानखेड़े स्टेडियम के इन गेट्स और स्टैंड का नामकरण महान खिलाड़ियों को उनके गौरवशाली योगदान की याद दिलाने और उनके सम्मान में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह निर्णय मुंबई क्रिकेट के इतिहास और विरासत को जीवंत बनाए रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। इस प्रकार, वानखेड़े अब न केवल क्रिकेट का मैदान, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों की उपलब्धियों और यादों का भी प्रतीक बन गया है।






















