March 15, 2026 10:18 am

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सरस्वती पूजा विधि: घर में पूजन के लिए जरूरी सामग्री, शुभ समय और खास नियम

बसंत पंचमी का पावन पर्व हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन मां सरस्वती के प्राकट्य

बसंत पंचमी 2026: जानिए किस दिशा में करें मां सरस्वती की स्थापना, पढ़ाई-करियर में मिलेगा लाभ

वैदिक पंचांग के अनुसार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी को मनाई जाएगी। यह दिन विद्या, बुद्धि, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित

मौनी अमावस्या स्नान संपन्न, अब माघ मेले में अगला पावन स्नान कब? यहां देखें तारीख

प्रयागराज की पावन धरती पर लगने वाला माघ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, तपस्या, संयम और मोक्ष की कामना का जीवंत प्रतीक

कहीं आप भी तो नहीं कर रहे झाड़ू से जुड़ी यह भूल? मां लक्ष्मी हो सकती हैं रुष्ट

 सनातन धर्म में झाड़ू का विशेष महत्व है। इसका संबंध मां लक्ष्मी और घर की स्वच्छता से है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, झाड़ू के द्वारा

पंचक आज आधी रात से प्रभावी, भूलकर भी ये शुभ कार्य किए तो हो सकता है नुकसान

हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में समय की गणना को बहुत महत्व दिया गया है. शुभ कार्यों के लिए जहां हम मुहूर्त देखते हैं, वहीं

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान जी को भक्त 'बजरंगबली' कहकर पुकारते हैं। यह नाम उनकी अपार शक्ति और वज्र जैसी मजबूती का प्रतीक है। 'बजरंग' शब्द 'वज्रांग' से निकला

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, ज्ञान और जीवन में नई ऊर्जा के आगमन का उत्सव है. इस दिन चारों ओर पीले रंग

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