बिलासपुर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह पर बड़ी कार्रवाई
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार, खाते में मिले 54 लाख से खुला राज

पीपल-बरगद काटना माना गया अशुभ, जानिए वास्तु में क्या कहते हैं नियम
घर के आसपास या किसी प्लॉट पर लगे पेड़-पौधों को कई बार काटना मजबूरी हो जाता है। वैसे तो हम बिना सोचे-समझे पुराने पेड़ को

अक्षय तृतीया 2026: जानें शुभ मुहूर्त, सोना खरीदने का सही समय और 5 खास दान
अक्षय तृतीया का मतलब है वह तिथि जिसका कभी क्षय (नाश) न हो. इस दिन आप जो भी अच्छा काम करते हैं या निवेश करते

वास्तु शास्त्र: पेड़ों को काटते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना घर में बढ़ सकता है वास्तु दोष
घर बनवाना हो, बिजली की तारें टकरा रही हों, या बस आंगन में धूप कम आ रही हो हम अक्सर बिना सोचे-समझे कुल्हाड़ी उठा

अक्षय तृतीया पर प्रेमानंद महाराज ने बताया एक चीज का दान करने से भाग्य बदलने का उपाय
हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को एक ऐसा दिन माना जाता है जिसका फल अक्षय (जिसका कभी क्षय न हो) होता है. इस साल वैशाख

रात को किचन में जूठे बर्तन छोड़ना बढ़ा सकता है आर्थिक तंगी, मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सोने से पहले अपनाएं ये 3 वास्तु नियम
रसोईघर (Kitchen) को केवल भोजन पकाने का स्थान नहीं, बल्कि घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना जाता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई का

सफलता पाने के लिए बगुले से सीखें ये खास गुण, स्थान और अपनी शक्ति का सही अंदाजा लगाकर ही शुरू करें कोई भी नया कार्य
महान विद्वान चाणक्य ने अपनी किताब चाणक्य नीति में जीवन से जुड़ी कई अहम बातों का जिक्र किया है. उनकी नीतियों को आज भी लोग

परशुराम जयंती की तारीख को लेकर उलझन हुई दूर, 19 अप्रैल को प्रदोष काल में मनेगा जन्मोत्सव और यह है पूजा का शुभ मुहूर्त
हर साल की तरह इस बार भी परशुराम जयंती की तारीख को लेकर लोगों में बना रहता है. इस बार कुछ लोग 19 अप्रैल को

वास्तु के ये 5 नियम बदल देंगे आपकी किस्मत, सुबह और शाम की इन गलतियों को सुधारने से घर में आएगी सुख और समृद्धि
वास्तु शास्त्र में सुबह और शाम के समय को घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश का सबसे खास वक्त माना गया है. हमारे बड़े-बुजुर्ग

साल 2026 में 24 अप्रैल को मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती, शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली मां पीताम्बरा की पूजा का बन रहा शुभ संयोग
हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं का बहुत महत्व है, जिनमें से आठवीं शक्ति माँ बगलामुखी हैं. इन्हें पीताम्बरा भी कहा जाता है क्योंकि इन्हें पीला

सफल होना है तो सीखें चुप रहने की कला, आचार्य चाणक्य के अनुसार कम बोलने वाले ही बनते हैं समझदार
आचार्य चाणक्य प्राचीन भारत के महान विद्वान, शिक्षक, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे, जिनको कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है. चाणक्य ने

