June 20, 2026 2:29 pm

भाजपा नेता समेत 3 लोगों की नृशंस हत्या का मामला: मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित 5 आरोपी अब भी फरार

  • रेत कारोबार की रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह, तीन दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

कोरिया/सोनहत। कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के ग्राम नौगई में हुए चर्चित तिहरे हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके शिक्षक चचेरे भाई नागेंद्र सिंह और बिरेंद्र सिंह की कार में जिंदा जलाकर एवं धारदार हथियारों से हमला कर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात में दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज रायपुर के अस्पताल में चल रहा है।

 

घटना के तीन दिन बीत जाने के बावजूद इस जघन्य हत्याकांड का मुख्य आरोपी भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी सहित पांच आरोपी अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे आरोपी फरार चल रहे हैं।

रेत कारोबार और कथित वसूली से उपजा था विवाद

मृतक भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह सोनहत जनपद पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं। पहले वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री रामचंद्र सिंहदेव के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। हाल के वर्षों में वे बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े के समर्थक माने जाते थे।

सूत्रों के अनुसार, लगभग आठ माह पूर्व उनके रिश्तेदार को चिरमी रेत घाट का ठेका मिला था। आरोप है कि इसके बाद क्षेत्र में संचालित अन्य रेत वाहनों से भी कथित रूप से वसूली की जाने लगी थी। इसी को लेकर क्षेत्र के दूसरे प्रभावशाली भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी और भरत सिंह के बीच लंबे समय से तनाव और विवाद की स्थिति बनी हुई थी।

16 जून की रात खूनी संघर्ष में बदला विवाद

जानकारी के अनुसार 16 जून की शाम मनोज त्रिपाठी के भाई निशांत त्रिपाठी और भरत सिंह के परिजनों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। इसी विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया।

बताया जाता है कि उसी रात समझौते की मंशा से भरत सिंह अपने साथियों के साथ दो वाहनों में सवार होकर ग्राम नौगई पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहले से तैयार बैठे लोगों ने उनकी फॉर्च्यूनर वाहन को दोनों ओर से घेर लिया। इसके बाद वाहन में पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई तथा फरसा और अन्य घातक हथियारों से हमला किया गया।

इस हमले में भरत सिंह और नागेंद्र सिंह की आग में जलकर मौत हो गई, जबकि बिरेंद्र सिंह की गर्दन पर धारदार हथियार से किए गए वार के कारण जान चली गई। दो अन्य घायल अब भी जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

9 नामजद आरोपी, 4 गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी, गौरव त्रिपाठी, महेंद्र त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी एवं अक्षत त्रिपाठी सहित अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और षड्यंत्र समेत गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

अब तक पुलिस ने अक्षत त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी और विशाल त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मुख्य आरोपी मनोज त्रिपाठी सहित पांच आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस पर उठ रहे सवाल

प्रदेश भर में चर्चा का विषय बने इस हत्याकांड में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोपियों की समय रहते गिरफ्तारी नहीं हुई तो कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े होंगे।

हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बड़ा सवाल

रेत के अवैध कारोबार, कथित वसूली और राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में तीन लोगों की जान चली गई। अब पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आखिर मुख्य आरोपी कब तक कानून के शिकंजे से बाहर रहेंगे और इस बहुचर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलेगा।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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