20.1 C
New York
May 18, 2024
BBC LIVE
राज्य

ED ने पूर्व मंत्रियों-अधिकारियों पर दर्ज कराई 100 से अधिक FIR, कांग्रेस ने बताई बदले की कार्रवाई

रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में कोयला और शराब घोटाले मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 450 करोड़ के कोयला और 5000 करोड़ से अधिक के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से दो पूर्व मंत्रियों, पूर्व मुख्य सचिव, दो निलंबित आईएएस, एक रिटायर्ड आईएएस और प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं समेत 100 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद किसी घोटाले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी की ओर से दर्ज कराई गई यह अब तक की सबसे बड़ी FIR है।

प्रवर्तन निदेशालय ने एंटी करप्शन ब्यूरो में 2 अलग-अलग मामलों में दर्ज कराई। कोयला घोटाले में 33 और शराब घोटाले में 70 से ज्यादा लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट है।

शराब घोटाले में अनवर ढेबर, पूर्व मंत्री कवासी लखमा, अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, एक दर्जन से अधिक आबकारी अधिकारी के नाम शामिल हैं। जबकि कोयला घोटाले में जेल में बंद रानू साहू, समीर विश्वनोई, सौम्‍या चौरसिया, सुनील अग्रवाल, सूर्यकांत तिवारी, विनोद तिवारी, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, शिशुपाल सोरी, बृहस्पत सिंह, विवेक ढांढ, भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक यूडी मिंज, पूर्व विधायक गुलाब कमरो, रामगोपाल अग्रवाल, विजय भाटिया, चंद्रदेव राय समेत 70 नामजद आरोपित है।

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा- लोकसभा के मद्देनजर कार्रवाई

कोयला और शराब घोटाले में ईडी के एसीबी में दर्ज कराए गए एफआईआर में 2 पूर्व मंत्री और विधायकों के नाम शामिल किए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि 3 साल से ईडी और आईटी जांच कर रहे हैं। जांच में पूर्व मंत्रियों का नाम नहीं था, लेकिन आज षडयंत्र के तहत कार्रवाई हो रही है। यह पूरी कार्रवाई लोकसभा के मद्देनजर की जा रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि 3 साल से ईडी और आईटी जांच कर रही है, अब एसीबी को कहा कि FIR करें। जब ईडी और आईटी जांच कर रही थी, तब ना यूडी मिंज का नाम था, ना अमरजीत भगत का नाम था। आज अचानक एसीबी ने केस रजिस्टर करते हुए सभी नेताओं का नाम लिख दिया। सरकार प्रदेश के नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यूडी मिंज का दोष इतना था कि वह विष्णुदेव साय के खिलाफ चुनाव लड़े। एसीबी जांच का आदेश मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर से होता है। मुख्यमंत्री काफी छोटी सोच के हैं। जब एसीबी जांच कर रही है, तब किसी नेता का नाम नहीं आया था। लोकसभा को ध्यान में रखते हुए इन्हें बदनाम किया जा सके।

पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा बदले की कार्रवाई

पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू और पीसीसी चीफ दीपक बैज का भी इस मामले में बयान सामने आया है। पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि सरकार को दो महीने हुए नहीं और बदले की कार्रवाई शुरू कर दी है। लोकसभा चुनाव में इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कांग्रेस इससे और मजबूत होगी।

Related posts

वन मंत्री केदार कश्यप का करारा जवाब : क्या भूपेश बघेल कांग्रेस को आतंकी संगठन मानते हैं? जो अपने कार्यकर्ताओं को स्लीपर सेल कह रहे

bbc_live

CG Board Result : 10 वीं में जशपुर की सिमरन ने मारी बाजी,12 वीं में महासमुंद की महक अग्रवाल ने किया टॉप

bbc_live

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने लगाया मारपीट करवाने का आरोप

bbc_live

Leave a Comment

error: Content is protected !!