राकेश की रिपोर्ट
वाराणसी: खबर गाजीपुर जिले से है जहंा पूर्वांचल की माटी और जिले के इस लाल को हांग कांग के मकाऊ में आयोजित एक अन्तर्राष्ट्रीय आइकान समारोह में देश विदेश के ऐसे 40 लोगों के साथ सम्मानित किया गया जो अपने-अपने क्षेत्र में राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर खुद एक पहचान है। सभी को गु्रप की ओर से आइकान एवार्ड दिया गया। इन हस्तियों में शामिल जनपद के इस नौजवान के सम्मानित होने की सूचना मिलने के बाद जनपद से पूर्वांचल सहित समूचे शिक्षा जगत में खुशी की लहर दौड़ गयी। तमाम शिक्षाविद्, अधिवक्ता, राजनेता प्रबुद्ध लोग जनपद का नाम गौरवान्वित करने वाले को बधाई देने की होड़ में है।
चाइना के मकाउ सिटी में हिन्दूस्तान टाइम्स ग्रुप की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, खेल, निर्माण, विज्ञान, कृषि व अन्य सामाजिक कार्यो में अपनी सराहनीय सहभागिता के लिये हमेशा आगे रहने वाले युवाओं को सम्मानित करने के लिये एक अन्तर्राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम के दौरान देश के 40 पुरोधाओं को हिन्दूस्तान अखबार के एडिटर एण्ड चीफ शशि शेखर व नेशनल हेड रजत कुमार ने 40 हस्तियों को सम्मानित किया जिसमे 4 को हिन्दुस्तान आइकान एवार्ड से नवाजा गया।
इसी कार्यक्रम में जिले के सादात इलाके में रहने वाले मृदु भाषी डा0 विजय यादव को हिन्दुस्तान आइकान से शशि शेखर ने खुद नवाजा। श्री यादव गाजीपुर व वाराणसी जनपद में शिक्षा की अलख जगाने के लिये डेढ़ दर्जन से अधिक शिक्षा के मन्दिरांे का निर्माण किया जिसमे बच्चों से लेकर हाईस्कूल, इण्टर, डिग्री कालेज, बी0एड0 कालेज, एम0एड0 कालेज, मेडिकल कालेज, होम्योपैथिक मेडिकल कालेज के साथ-साथ बाबा रामदेव की आयुर्वेद महाविद्यालय की स्थापना कर चुके है। सभी विद्यालयों एवं संस्थान निर्विवाद तरीके से पिछले 20 सालों से जिले व पूर्वांचल में शिक्षा की अलख जगा रहे है। श्री यादव भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता है और इनकी पत्नी मौजूदा समय में जिला पंचायत सदस्य भी है। श्री यादव भाजपा किसान मोर्चा उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी के मौजूदा समय में कोषाध्यक्ष भी है।
श्री यादव पंतजलि सेवा योग संस्थान से भी जुड़े है और इनके शिक्षा संस्थानों में बाबा रामदेव का भी पदार्पण होता रहता है। श्री यादव जिले के विकास पुरूष कहे जाने पूर्व संासद व केन्द्रीय मंत्री रहे मौजूदा समय में जम्मू के एल0जी0 मनोज सिन्हा के भी करीबी बताये जाते है। जिले के साथ-साथ पूर्वांचल की सभ्य राजनीति में विजय की अच्छी पहचान व सम्मान है।