अब्दुल सलाम कादरी-एडिटर इन चीफ
ग्राउंड रिपोर्ट | हल्दीबाड़ी
हल्दी बॉडी अंदर ग्राउंड माइंस क्षेत्र में मेन रोड के किनारे बनाई जा रही बाली/नाली का निर्माण कार्य अब गंभीर घोटाले के आरोपों में घिर गया है। मौके से सामने आई तस्वीरें यह साफ दर्शाती हैं कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर निर्धारित मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे यह निर्माण जनसुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

बिना अधिकारियों की सांठगांठ संभव नहीं घोटाला
स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि सिविल डिपार्टमेंट के जिम्मेदार अधिकारियों की सांठगांठ के बिना इस स्तर का घटिया निर्माण संभव नहीं है। हैरानी की बात यह है कि कोई भी जिम्मेदार अधिकारी नियमित रूप से कार्यस्थल पर मौजूद नहीं, जिससे ठेकेदार को मनमानी करने की पूरी छूट मिल गई है।

तस्वीरें खोल रही हैं निर्माण की पोल
तस्वीरों में स्पष्ट दिख रहा है—
- घटिया और कम गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग
- सीमेंट–रेत अनुपात और कंक्रीट ग्रेड संदिग्ध
- बाली/नाली की चौड़ाई व गहराई में भारी असमानता
- कम्पैक्शन और क्योरिंग का अभाव
- शुरुआती दौर में ही दरारें और कमजोर स्ट्रक्चर
विशेषज्ञों के अनुसार खदान क्षेत्र और मुख्य मार्ग के किनारे बनी नाली/बाली का उद्देश्य पानी निकासी और सड़क सुरक्षा होता है, लेकिन कमजोर निर्माण भविष्य में बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।

एरिया जीएम से की गई शिकायत
मामले की गंभीरता को देखते हुए एरिया जीएम को लिखित शिकायत पत्र भेजकर जांच की मांग की गई है। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि जीएम स्तर से क्या ठोस कार्रवाई होती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा।
शिकायत पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि—
- घटिया बनी नाली/बाली को पूरी तरह तोड़कर दुबारा उच्चस्तरीय और मानक अनुरूप नाली का निर्माण कराया जाए
- जब तक नाली/बाली उच्चस्तरीय गुणवत्ता के साथ पूरी नहीं होती, तब तक ठेकेदार का भुगतान पूरी तरह रोका जाए
- घटिया कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाए
- निर्माण की स्वतंत्र तकनीकी और वित्तीय जांच कराई जाए
चेतावनी: मामला जाएगा कोयला मंत्रालय और पीएमओ तक
शिकायत में यह भी साफ किया गया है कि यदि स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो इस पूरे मामले की शिकायत कोयला मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी जाएगी, ताकि उच्च स्तर पर हस्तक्षेप हो सके।

हल्दीबाड़ी अंदर ग्राउंड माइंस में सुरक्षा और जलनिकासी के नाम पर किया जा रहा यह निर्माण भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है। अब सवाल यह नहीं है कि गड़बड़ी हुई या नहीं, सवाल यह है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या नहीं। जनता की नजरें अब प्रशासन और एरिया जीएम की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।





















