September 23, 2026 10:17 pm

नगर पंचायत खोंगापानी में भुगतान एवं खरीदी की विशेष ऑडिट की मांग

छत्तीसगढ़/मनेन्द्रगढ़-अब्दुल सलाम क़ादरी

  • अध्यक्ष ललिता रामा यादव ने प्रधान महालेखाकार को लिखा पत्र, कहा—दस्तावेजों की जांच से सामने आएगी वास्तविक स्थिति

खोंगापानी। नगर पंचायत खोंगापानी की अध्यक्ष श्रीमती ललिता रामा यादव ने नगर पंचायत में हुए भुगतान एवं खरीदी से संबंधित वित्तीय अभिलेखों की विशेष ऑडिट कराने की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने छत्तीसगढ़ के प्रधान महालेखाकार को पत्र भेजकर पूर्व नगर पंचायत कार्यकाल तथा उनके स्वयं के अब तक के कार्यकाल में हुए भुगतान, खरीदी और अन्य वित्तीय गतिविधियों से संबंधित अभिलेखों एवं फाइलों की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।

अध्यक्ष श्रीमती यादव ने कहा कि नगर पंचायत को लेकर लगातार राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है। ऐसे में किसी भी प्रकार के संदेह या सवाल का समाधान राजनीतिक बयानबाजी से नहीं, बल्कि निष्पक्ष ऑडिट और दस्तावेजों की जांच से होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कार्यकाल में शासकीय राशि के उपयोग को लेकर कोई सवाल है, तो संबंधित भुगतान, खरीदी, बिल, वाउचर और वित्तीय अभिलेखों का परीक्षण कराया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन्होंने सक्षम ऑडिट संस्था के माध्यम से विशेष वित्तीय परीक्षण कराने की पहल की है।

आंदोलन को लेकर भी साधा निशाना

भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे आंदोलन और हड़ताल को लेकर अध्यक्ष ने कहा कि जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने के बजाय यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि पूर्व में नगर पंचायत के शासकीय संसाधनों और राशि का उपयोग किस प्रकार हुआ।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को जनता के मुद्दे के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि इसके पीछे राजनीतिक हित भी हो सकते हैं। अध्यक्ष ने कहा कि वास्तविक स्थिति दस्तावेजों और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण का दावा

अध्यक्ष श्रीमती यादव ने कहा कि उनके कार्यकाल में नगर पंचायत के संसाधनों और शासकीय धन के उपयोग में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने का प्रयास किया गया है।

उनके अनुसार, अनावश्यक पेट्रोल-डीजल खर्च, स्वागत-सत्कार तथा बैनर-पोस्टर आदि पर होने वाले खर्चों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि नगर पंचायत की राशि का उपयोग जनता के विकास और आवश्यक नागरिक सुविधाओं के लिए किया जा सके।

“जनता का पैसा, जनता के हित में खर्च होना चाहिए”

अध्यक्ष ने कहा कि नगर पंचायत की राशि जनता की मेहनत और करों से प्राप्त शासकीय धन है। इसका उपयोग किसी व्यक्ति अथवा राजनीतिक दल की सुविधा के लिए नहीं, बल्कि जनहित और नगर के विकास के लिए होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि पूर्व या वर्तमान किसी भी कार्यकाल में वित्तीय अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच में जिम्मेदारी सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

अध्यक्ष श्रीमती ललिता रामा यादव ने कहा कि विशेष ऑडिट की मांग का उद्देश्य किसी व्यक्ति को राजनीतिक रूप से निशाना बनाना नहीं, बल्कि वित्तीय लेन-देन की वास्तविक स्थिति जनता के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष ऑडिट से सभी सवालों का दस्तावेजी आधार पर जवाब मिल सकेगा और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

“दूध का दूध और पानी का पानी” तभी होगा, जब नगर पंचायत के भुगतान, खरीदी और वित्तीय अभिलेखों की निष्पक्ष जांच हो। इसी उद्देश्य से विशेष ऑडिट की मांग की गई है।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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