August 28, 2026 9:20 pm

“छात्र सवाल पूछेंगे, जवाब भी मांगेंगे”—‘दिमागी नक्सली’ बयान पर एनएसयूआई का पलटवार

मनेंद्रगढ़। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर “दिमागी नक्सली” कहे जाने के बयान को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। बयान के विरोध में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के नेतृत्व में बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता थाना कोतवाली मनेंद्रगढ़ पहुंचे और सामूहिक गिरफ्तारी देने की पेशकश की।

इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष कासिम अंसारी, एनएसयूआई नेता दिव्यम पांडे सहित एनएसयूआई, युवा कांग्रेस के पदाधिकारी, छात्र और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

“अगर हम दिमागी नक्सली हैं तो गिरफ्तार करें”

एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान पर कायम हैं और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं एवं युवाओं को “दिमागी नक्सली” मानते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए। वहीं, यदि यह बयान गलत है और छात्र एवं युवा नक्सली नहीं हैं, तो स्वास्थ्य मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

एनएसयूआई ने यह भी मांग की कि इस प्रकार का बयान देने वाले मंत्री के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

छात्रों के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी : नीरज पांडे

एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि प्रदेश के छात्र अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस प्रवेश को लेकर प्रदेश के छात्रों के हितों से जुड़े गंभीर आरोप सामने आए हैं और बाहर के छात्रों को कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रवेश दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

उन्होंने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना सरकार की जिम्मेदारी है। सवाल उठाने वाले छात्रों को “दिमागी नक्सली” कहना लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी रूप से स्वीकार्य नहीं है।

नीरज पांडे ने कहा कि छात्र अपने भविष्य और अधिकारों को लेकर सवाल पूछेंगे और सरकार से जवाब मांगेंगे। सरकार का दायित्व है कि वह छात्रों के सवालों का जवाब दे और आरोपों की पारदर्शी तरीके से जांच कराए।

छात्रों को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण : अशोक श्रीवास्तव

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि छात्र और युवा प्रदेश का भविष्य हैं। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले छात्रों को अपमानित करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री को बयानबाजी के बजाय स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

“युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए उचित नहीं” : गुलाब कमरों

पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि मंत्री का बयान गलत है तो उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और यदि बयान सही है तो सरकार को उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

“पहले स्वास्थ्य विभाग संभालें मंत्री” : सौरव मिश्रा

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले अपना स्वास्थ्य विभाग संभालना चाहिए। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े अनेक सवाल हैं और जनता एवं मरीजों की समस्याएं लगातार सामने आती रहती हैं।

उन्होंने कहा कि इन समस्याओं का समाधान करने के बजाय छात्रों और युवाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना उचित नहीं है।

सौरव मिश्रा ने एमबीबीएस प्रवेश से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के छात्र यदि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं तो उन्हें “दिमागी नक्सली” कहना उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का अपमान है।

उन्होंने कहा, “जिस युवा शक्ति ने आपको कुर्सी तक पहुंचाया है, वही युवा शक्ति लोकतांत्रिक तरीके से आपको उस कुर्सी से उखाड़ फेंकने की ताकत भी रखती है।”

“हक और भविष्य के लिए आवाज उठाने वाला छात्र नक्सली नहीं” : कासिम अंसारी

जिला एनएसयूआई अध्यक्ष कासिम अंसारी ने कहा कि अपने हक और भविष्य के लिए आवाज उठाने वाला छात्र नक्सली नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई हमेशा छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान को सही मानते हैं तो एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जाए। अन्यथा मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगकर अपना बयान वापस लेना चाहिए।

युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता : दिव्यम पांडे

एनएसयूआई नेता दिव्यम पांडे ने कहा कि प्रदेश का युवा अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर जागरूक है। युवाओं की आवाज को अपमानजनक शब्दों के जरिए दबाया नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि एमबीबीएस प्रवेश से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कर प्रदेश के छात्रों के हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।

थाना पहुंचकर दी सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश

एनएसयूआई कार्यकर्ता थाना कोतवाली मनेंद्रगढ़ पहुंचे और अपनी सामूहिक गिरफ्तारी की पेशकश करते हुए कहा कि या तो उन्हें गिरफ्तार किया जाए या फिर स्वास्थ्य मंत्री अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रदेश की जनता के जीवन और स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा महत्वपूर्ण विभाग है। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री को विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार और जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों और युवाओं के सम्मान, अधिकार एवं भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

एनएसयूआई ने कहा कि “छात्र सवाल पूछेंगे, युवा जवाब मांगेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।”

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

विज्ञापन