August 20, 2026 12:32 am

बहेराबांध में हर महीने लाखों की हेराफेरी!

  • रोड सेल यार्ड में सुविधा शुल्क के नाम पर प्रति ट्रक ₹4,000 से ₹4,500 तक वसूली

अब्दुल सलाम क़ादरी। अनूपपुर। एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के बहेराबांध रोड सेल स्टॉक यार्ड में कोयले की लोडिंग, गुणवत्ता और कथित सुविधा शुल्क को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों एवं कोयला कारोबार से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि यार्ड में प्रति ट्रक 4 हजार से 4,500 रुपये तक कथित रूप से सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। आरोप है कि राशि देने वाले चुनिंदा वाहनों को बेहतर गुणवत्ता वाला कोयला उपलब्ध कराया जाता है, जबकि राशि नहीं देने वाले उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत निम्न गुणवत्ता का कोयला मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

यदि प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों से इस तरह की कथित वसूली की जा रही है, तो महीने में लाखों रुपये के लेन-देन का सवाल खड़ा होता है। हालांकि कथित वसूली और हेराफेरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

बेहतर गुणवत्ता के कोयले की कथित छंटाई

सूत्रों के अनुसार यार्ड में बड़े आकार और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले को अलग कर चुनिंदा वाहनों में लोड कराने की चर्चा है। आरोप है कि इसके लिए निजी मजदूरों अथवा छोटी मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, सुविधा शुल्क नहीं देने वाले उपभोक्ताओं को मिट्टी, पत्थर और अपेक्षाकृत कम गुणवत्ता वाला कोयला मिलने की शिकायतें बताई जा रही हैं।

R.O.M. के D.O. में भी गंभीर आरोप

मामले में R.O.M. के D.O. में जयंत कुमार कुशवाहा बाबू द्वारा उत्तर प्रदेश एवं कटनी के व्यापारियों से कथित रूप से पैसे लेकर स्टीम दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।

इसके साथ ही रात 10 बजे तक कांटा चालू रखने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। मांग की गई है कि यह स्पष्ट किया जाए कि रात 10 बजे तक कांटा संचालित करने की अनुमति किस सक्षम अधिकारी के आदेश से दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार इस संबंध में शिकायत एसईसीएल के सीएमडी को भी भेजी जा रही है।

रोड सेल इंचार्ज की भूमिका पर भी सवाल

ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि कथित सुविधा शुल्क की राशि सीधे ट्रक मालिकों या ट्रांसपोर्टरों से न लेकर किसी निजी व्यक्ति के माध्यम से वसूली किए जाने की चर्चा है। शिकायतकर्ताओं ने रोड सेल इंचार्ज  की भूमिका की भी जांच की मांग की है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

कुछ लोगों द्वारा यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि कथित सुविधा शुल्क की राशि केवल यार्ड स्तर तक सीमित नहीं रहती। इन आरोपों की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक बताई जा रही है।

हर महीने लाखों रुपये का सवाल

प्रति ट्रक हजारों रुपये की कथित वसूली यदि लंबे समय से जारी है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन यार्ड से कोयला उठाते हैं, तो हर महीने लाखों रुपये की राशि का सवाल खड़ा होता है। यही वजह है कि स्थानीय ट्रांसपोर्टरों और उपभोक्ताओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

कोयले के अलग-अलग ढेरों ने बढ़ाया संदेह

यार्ड परिसर में बड़े आकार के कोयले के अलग-अलग ढेर दिखाई देने के बाद कथित छंटाई को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कोयले को तकनीकी मानकों के आधार पर अलग किया जा रहा है तो इसकी प्रक्रिया और नियम स्पष्ट किए जाने चाहिए। वहीं यदि किसी विशेष उपभोक्ता को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से छंटाई की जा रही है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

निष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाई

क्षेत्र के लोगों, ट्रांसपोर्टरों एवं उपभोक्ताओं ने हसदेव क्षेत्र के महाप्रबंधक मनोज कुमार बिश्नोई से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। मांग की गई है कि कोयले की गुणवत्ता, कथित छंटाई, सुविधा शुल्क, कांटा संचालन, स्टीम जारी करने की प्रक्रिया तथा संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि बहेराबांध रोड सेल यार्ड में हर महीने लाखों रुपये का कथित खेल चल रहा है, तो इसकी जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों तक क्यों नहीं पहुंची? और यदि शिकायतें पहले से मौजूद हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बहेराबांध रोड सेल यार्ड में लगाए जा रहे आरोप महज शिकायत हैं या वास्तव में कोयले की गुणवत्ता और आर्थिक लेन-देन से जुड़ी कोई गंभीर अनियमितता चल रही है।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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