August 6, 2026 8:46 pm

SECL में आखिर क्या छिपा है? बालाजी कंस्ट्रक्शन के कामों की पूरी कुंडली मांगने से मचा हड़कंप!

अब्दुल सलाम क़ादरी-एडिटर इन चीफ

  • SECL में आखिर क्या छिपा है? बालाजी कंस्ट्रक्शन के कामों की पूरी कुंडली मांगने से मचा हड़कंप!

मनेंद्रगढ़/हसदेव। क्या झगराखण्ड सब एरिया के सिविल विभाग में सब कुछ नियमों के मुताबिक हुआ? क्या टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही? करोड़ों रुपये के कार्यों का भुगतान किन दस्तावेजों के आधार पर किया गया? इन सवालों के जवाब अब सूचना का अधिकार (RTI) के जरिए तलाशे जाएंगे।

स्वतंत्र पत्रकार अब्दुल सलाम क़ादरी ने SECL हसदेव एरिया के लोक सूचना अधिकारी को एक विस्तृत आरटीआई आवेदन सौंपकर वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान बालाजी कंस्ट्रक्शन को दिए गए प्रत्येक कार्य की पूरी फाइल सार्वजनिक करने की मांग की है। इसकी एक प्रति विजिलेंस को भी भेजी गई है।

आरटीआई में केवल कार्यादेश नहीं, बल्कि टेंडर से लेकर भुगतान तक की पूरी चेन मांगी गई है। आवेदन में निविदा प्रक्रिया, बिड कम्पेरिजन, टेंडर मूल्यांकन समिति की कार्यवाही, स्वीकृति आदेश, अनुबंध, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, ई-एमबी, मापन पुस्तिका, रनिंग एवं अंतिम बिल, भुगतान वाउचर, जीएसटी बिल, चेक/NEFT/RTGS विवरण, UTR नंबर, सुरक्षा निधि, कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र, गुणवत्ता परीक्षण रिपोर्ट, संशोधित प्राक्कलन, समय-वृद्धि, फाइल नोटशीट और कार्यालयीन पत्राचार तक की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।

यदि विभाग सभी दस्तावेज उपलब्ध कराता है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित कार्यों में निविदा प्रक्रिया, मापन, भुगतान और अनुमोदन निर्धारित नियमों के अनुरूप हुए या नहीं। साथ ही यह भी सामने आ सकेगा कि किसी कार्य में अतिरिक्त मद, लागत वृद्धि, समय-वृद्धि या अन्य प्रशासनिक निर्णय किन आधारों पर लिए गए।

आरटीआई में यह भी मांग की गई है कि यदि इन कार्यों को लेकर कभी निरीक्षण, शिकायत, ऑडिट आपत्ति, सतर्कता (Vigilance) जांच या कोई अन्य विभागीय कार्रवाई हुई हो, तो उससे जुड़े सभी अभिलेख भी उपलब्ध कराए जाएं।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या SECL निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी जानकारी देगा, या फिर दस्तावेजों को लेकर नए सवाल खड़े होंगे?

  • विजिएलेन्स के साथ साथ सीबीआई को भी भेजी गई है शिकायत,  कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग
  • हसदेव एरिया के सिविल विभाग के अधिकारियों / इंजीनियरों का कहना है कि शिकायत होते रहता है सीबीआई और विजिएलेन्स हमारे हाथों में है उनको कमीशन भेज दिया जाता है तो जांच कौन करेगा? 

झगराखण्ड सब एरिया के सिविल विभाग से जुड़े मामलों में एक विस्तृत शिकायत विजिलेंस को भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि सिविल विभाग में वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ शरद यादव नामक अधिकारी द्वारा तैयार किए गए बिलों एवं संबंधित कार्यों में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इन मामलों में उच्च स्तर पर संरक्षण मिलने के कारण अब तक निष्पक्ष जांच नहीं हो सकी।

कई अधिकारी होंगे सलाखों के पीछे…
शिकायत में मांग की गई है कि संबंधित अधिकारी द्वारा अब तक तैयार किए गए सभी बिलों, कार्यादेशों, मापन पुस्तिकाओं (MB), ई-एमबी, भुगतान अभिलेखों तथा संबंधित दस्तावेजों का कार्यवार मिलान किसी स्वतंत्र एवं सक्षम जांच एजेंसी से कराया जाए। शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि सभी अभिलेखों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाता है, तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

इसी कड़ी में अगला अपडेट आपके समक्ष जल्द..

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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