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May 18, 2024
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हेमंत सोरेन ने आखिर चंपई सोरेन को ही क्यों सौपीं झारखंड CM की कुर्सी? जानिए इसके पीछे की वजह

रांची। झारखंड में उपजे सियासी संकट के बीच हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया है। अब हेमंत की जगह चंपई सोरेन (Champai Soren) झारखंड के नए मुख्यमंत्री होंगे। चंपई सोरेन वर्तमान में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं। उन्हें शिबू सोरेन का करीबी बताया जाता है। हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद चंपई सोरेन को सीएम बनाने की बात सामने आई। अब सबके मन में यह सवाल है कि, आखिर हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन को ही झारखंड सीएम की कुर्सी क्यों सौंपी।

मजबूरी में चंपई सोरेन को सौंपी सत्ता

हेमंत सोरेन पर ED का शिकंजा कसने के बाद उनकी पत्नी को सीएम बनाए जाने की चर्चाएं तेज थी। लेकिन उनका पारिवारिक विरोध हुआ। इससे पार्टी में फूट के डर से हेमंत ने अपनी पत्नी का नाम पीछे कर दिया। हेमंत सोरेन की पत्नी को सीएम पद के लिए कांग्रेस ने अपना समर्थन दे दिया था। कांग्रेस ने पहले ही कह दिया था कि, वह हेमंत सोरेन के फैसले के साथ है। लेकिन दूसरी तरफ झामुमो विधायक व हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने सीएम पद के लिए कल्पना (Kalpana Soren) सोरेन का नाम आते ही विरोध शुरू कर दिया। अब अगर ऐसे में हेमंत अपनी पत्नी को सीएम बनाते तो परिवार में विरोध होता। जो लोकसभा चुनाव में भारी पड़ सकता था।

चंपई के नाम पर सभी की सहमति

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि, चंपई सोरेन का नाम इसलिए चुना गया कि वह पार्टी के सबसे सीनियर नेता हैं। साथ ही कांग्रेस और झामुमो दोनों पार्टी उनके नाम पर सहमत थी।

सीएम चुनें जाने की सबसे बड़ी वजह कोल्हान इलाका

चंपई के सीएम चुने जाने की सबसे बड़ी वजह चंपई का इलाका है। वह झारखंड के कोल्हान के इलाके से आते हैं। कोल्हान को बीजेपी का गढ़ माना जाता है।अब तक झारखंड को इस इलाके से तीन मुख्यमंत्री मिल चुके हैं। जिसमें से दो मुख्यमंत्री बीजेपी के इसी इलाके से रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कोल्हान में उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। कोल्हान में 13 विधानसभा सीटों पर बीजेपी का प्रदर्शन बेहद खराब था। कोल्हान में ही लचर प्रदर्शन के कारण रघुवर दास की वापसी नहीं हो पाई और हेमंत सोरेन सत्ता में काबिज हो गए।

सरकार में रहने समय हेमंत सरकार की छवि कुछ खास नहीं रही, साथ ही वह भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गए। ऐसे में हेमंत ने जाते-जाते बीजेपी के साथ बड़ा खेला कर दिया। कोल्हान में बीजेपी को पछाड़ने के उद्देश्य से ही हेमंत ने चंपई सोरेन के हाथों झारखंड की सत्ता सौंप दी। अब चंपई सोरेन के मुख्यमंत्री बनने से बीजेपी को कोल्हान इलाके में भारी नुकसान हो सकता है। क्योंकि चंपई सोरेन को कोल्हान टाइगर के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ उनकी लोकप्रियता काफी ज्यादा है।

सीएम सोरेन के करीबी का भरोसेमंद

चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन के पिता शिबू सोरेन के साथ झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं। हालांकि हेमंत सोरेन के उन पर भरोसे के पीछे यही एकमात्र कारण नहीं है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन के वफादार हैं और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन (Shibu Soren) के काफी करीबी माने जाते हैं।

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