October 11, 2026 10:49 pm

पाकिस्तान में रमजान के दौरान मुस्लिमों पर अत्याचार, भारत का अफगानिस्तान युद्ध पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली

Pakistan-Afghanistan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर जारी संघर्ष अब एक ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां से वापसी का रास्ता कूटनीति के बजाय सैन्य ताकत तय कर रही है। शुक्रवार को काबुल, कंधार और पक्तिका में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी ने पिछले साल कतर और तुर्की की कड़ी मेहनत से कराए गए संघर्षविराम की धज्जियां उड़ा दी हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने एक्स पर घोषणा करते हुए कहा, "हमारा धैर्य अब जवाब दे गया है। अब हमारे बीच खुला युद्ध है।" पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान आतंकवाद का निर्यात कर रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे पाकिस्तान की साम्राज्यवादी सोच करार दे रहा है।

ताजा हवाई हमलों के बाद पाकिस्तान ने 130 से अधिक तालिबानी लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया है, जिसे वह रविवार को हुए अफ़गान हमलों का बदला बता रहा है।
भारत का क्या है रुख?

यद्यपि भारत ने इस ताजा झड़प अभी तक कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पिछला स्टैंड पूरी तरह स्पष्ट रहा है। भारत ने हमेशा से अफ़गानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन किया है और पाकिस्तान की आक्रामकता की निंदा की है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में जब तनाव बढ़ा था तब भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा था कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ने का पुराना अभ्यस्त है। आपको बता दें कि उस समय तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी भारतकी यात्रा पर थे।

22 फरवरी को जब पाकिस्तान ने नांगरहार और पक्तिका में हवाई हमले किए थे तब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कड़े शब्दों में कहा था, "भारत रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगान क्षेत्र पर पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित आम नागरिक मारे गए हैं।"
भारत के साथ बढ़ता तालिबान का तालमेल

पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान और भारत के बीच बढ़ती कूटनीतिक नजदीकी है। पिछले साल अक्टूबर में अफगान विदेश मंत्री मुत्ताकी और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक ने इस्लामाबाद को बेचैन कर दिया था। अपनी बौखलाहट में पाकिस्तान ने आरोप लगाया था कि अफगान धरती पर "भारतीय प्रॉक्सी" सक्रिय हैं, जिसे भारत ने निराधार और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था। भारत का मानना है कि पाकिस्तान अफ़गानिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता का प्रयोग करने से चिढ़ा हुआ है।

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Author: Editor

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