October 17, 2026 11:30 pm

बाघ गणना की तैयारी तेज, कोटा परियोजना मंडल में हुआ विशेष प्रशिक्षण

रायपुर.

अखिल भारतीय बाघ गणना पर कोटा परियोजना मण्डल में विशेष प्रशिक्षण आयोजित

छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध संचालक की प्रेरणा एवं क्षेत्रीय महाप्रबंधक बिलासपुर के मार्गदर्शन में अखिल भारतीय बाघ गणना से संबंधित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम कोटा परियोजना मण्डल द्वारा आयोजित की गयी। यह प्रशिक्षण विगत दिवस शिवतराई विश्राम गृह में निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए आयोजित की गया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य बाघों की संख्या का वैज्ञानिक आंकलन, उनके आवास एवं गतिविधियों की पहचान तथा क्षेत्र में पाए जाने वाले अन्य मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों की गणना की आधुनिक विधियों से कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाघों की पहचान, पगमार्क, मल एवं खरोंच के निशानों के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि, कैमरा ट्रैप तकनीक का व्यावहारिक उपयोग, फील्ड डाटा संग्रहण एवं निगरानी की आधुनिक प्रणालियों की जानकारी दी गई। साथ ही हिरण, सांभर, नीलगाय, जंगली सूअर जैसे शाकाहारी वन्यप्राणियों तथा तेंदुआ जैसे अन्य मांसाहारी वन्यप्राणियों की गणना की वैज्ञानिक पद्धतियों पर भी प्रकाश डाला गया।

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के माध्यम से बाघों की वास्तविक संख्या, उनके शिकार प्रजातियों की उपलब्धता तथा वन्यजीव संरक्षण की स्थिति का आंकलन कैसे किया जाता है। इससे वन अधिकारियों को संरक्षण योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी रणनीति तय करने में सहायता मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से बाघ संरक्षण को सशक्त बनाने, अवैध शिकार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा वन्यजीव प्रबंधन की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण में मण्डल प्रबंधक, कोटा उपमण्डल प्रबंधक, परियोजना परिक्षेत्र अधिकारी, सहायक परियोजना क्षेत्रपाल, क्षेत्ररक्षक एवं चौकीदारों ने भाग लिया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बाघ संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं उपयोगी पहल सिद्ध होगा।

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Author: Editor

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