October 11, 2026 2:28 pm

बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांच लेट, 90 लाख उत्तरपुस्तिकाएं अटकीं – सामने आया कारण

भोपाल
बोर्ड परीक्षा में शामिल स्टूडेंट के लिए रिजल्ट का इंतजार लंबा होगा। कॉपियों की जांच करने शिक्षकों की कमी हो रही है। शिक्षकों की ड्यूटी जनगणना में लगाई जा रही है। ऐसे में कॉपियों को जांचने अब शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। प्रदेश में 16 लाख स्टूडेंट बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनकी 90 लाख कॉपियां हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल से कक्षा बारहवीं की परीक्षा 10 फरवरी से शुरू हुई। 7 मार्च को परीक्षा खत्म होगी। इसी तरह दसवीं की परीक्षा 13 फरवरी से शुरू हुई। ये 6 मार्च तक जारी रहेगी। कॉपियों की जांच और रिजल्ट तैयार करने में डेढ़ से दो माह का समय लगता है। इसी के बीच ट्रेनिंग सहित शिक्षकों को दूसरे काम रहेंगे। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की मदद लेने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है।

जनगणना में शिक्षक ज्यादा
जानकारी के अनुसार, जनगणना में सबसे ज्यादा शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इनकी संख्या 25 से 30 हजार बताई जा रही है। इनमें से अधिकांश वैसे शिक्षक हैं, जिन्हें बोर्ड की कॉपियां जांचने की जिम्मेदारी दी जानी है। एक समय में दो काम होने के कारण यह परेशानी होगी।
 
देरी का गणित एक नजर में
कुल परीक्षार्थी: 16 लाख (10वीं और 12वीं मिलाकर)
कॉपियां: 90 लाख , रिजल्ट तैयार करने में दो माह का अनुमानित समय
देरी हुई तो कॉलेज एडमिशन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर असर।

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Author: Editor

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