September 18, 2026 6:52 pm

स्वदेशी टूर्नामेंट से मिलती है बेस्ट प्रैक्टिस: Ramit Tandon ने बताई सफलता की कुंजी

मुंबई
स्क्वाश के दिग्गज खिलाड़ी रामित टंडन की नजरें इस साल सितंबर में होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी फॉर्म के शीर्ष पर होने के ‘बड़े लक्ष्य’ पर टिकी है लेकिन भारत का यह पूर्व नंबर एक खिलाड़ी अभी इंडियन ओपन में घरेलू टूर्नामेंट में खेलने के अवसर का पूरा लुत्फ उठाना चाहता है।

टंडन उभरती हुई महिला स्टार अनाहत सिंह के साथ बुधवार से यहां शुरू हो रहे जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन में हिस्सा लेंगे। उनका मानना है कि यह टूर्नामेंट भारतीय खिलाड़ियों को विदेश यात्रा नहीं करने के बावजूद खेलने का बेहतरीन मौका देता है। टंडन ने कहा, ‘‘यह बहुत शानदार है, खासकर ऐसे समय में जब यात्रा बहुत अधिक प्रभावित है। इससे आसान कुछ नहीं हो सकता कि आप बस एक घरेलू उड़ान लें और अपने ही घर के पास होने वाले टूर्नामेंट में खेलने पहुंच जाएं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद स्वदेश में खेलना हमेशा खास होता है। आप उन लोगों के सामने खेलते हैं जिनसे आप प्यार करते हैं और जिन्होंने आपकी खेल यात्रा में आपका साथ दिया है। एक भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के तौर पर मुझे ऐसा करने का मौका उतनी बार नहीं मिलता जितना मेरे साथियों को अमेरिका या ब्रिटेन में मिलता है इसलिए मैं हमेशा भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार करता हूं। खासकर सीसीआई मेरे लिए बहुत खास रहा है।’’

टंडन ने कहा कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए दुनिया भर में यात्रा करने से शरीर पर असर पड़ता है जिसके बारे में अधिक बात नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा, जिसके बारे में लोगों ने अधिक बात नहीं की है, वह सच में शरीर पर असर डालती है।’’ टंडन ने कहा, ‘‘आप प्रतियोगिताओं के लिए अमेरिका या ब्रिटेन जाने के लिए 12 घंटे (या) 14 घंटे की उड़ान लेते हैं जबकि अमेरिका या ब्रिटेन में रहने वाले खिलाड़ियों के लिए यह काफी आसान होता है, है ना?’’

उन्होंने कहा, ‘‘तो एक भारतीय के तौर पर अगर आप साल में लगभग 12 बार यात्रा कर रहे हैं तो आप उतनी ही बार जेट लैग (समय के अंतर से होने वाली थकान) का भी सामना कर रहे होते हैं। आप उन लंबी उड़ाने की थकान झेल रहे होते हैं।’’ टंडन ने कहा कि स्वदेश में खेलने के फायदों को देखते हुए इस अवसर का पूरा लाभ उठाना बेहद जरूरी है।

 

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Author: Editor

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