September 22, 2026 12:25 am

सफलता से ठीक पहले क्यों रुक जाते हैं काम? प्रेमानंद महाराज से जानें कहां हो रही गलती

जीवन में कई बार आपको भी ऐसा लगा होगा कि आपके हर काम बनते हुए भी बिगड़ जाते हैं। अक्सर होता है कि कोई काम बिल्कुल अंत तक पहुंच जाता है और अचानक सब कुछ बिगड़ जाता है। कई बार तो चीजें शुरू होते ही खराब हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में समझ नहीं आता कि भाग्य को दोष दें या कर्मों को।

प्रेमानंद महाराज से पूछा गया सवाल
प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में आए एक श्रद्धालु का भी ठीक यही प्रश्न था। उन्होंने कहा कि महाराज जी मेरे बनते हुए काम आखिर में क्यों बिगड़ जाते हैं। ऐसा बार-बार होने के पीछे आखिर क्या वजह है। इसपर प्रेमानंद जी महाराज का उत्तर हर किसी को जरूर जानना चाहिए।

पूर्व कर्मों के फल हैं
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ऐसा होने के पीछे सबसे बड़ी वजह आप पूर्व जन्मों के पाप होते हैं। ये पूर्व के पाप ही हमें इस जीवन में भी दुख का अनुभव कराते हैं। वहीं हमारे अच्छे कर्म हमें सफलता प्रदान करते हैं।

सफलता की ओर ले जाती हैं ये चीजें
महाराज जी कहते हैं कि पूर्व जन्म के पाप ही असफलता का कारण होते हैं। इन्हें नष्ट करने का एक ही उपाय है कि आप सद्मार्ग की ओर बढ़ें। प्रभु का नाम जप करें, कीर्तन करें, अच्छे इंसान बनें, तीर्थयात्रा करें और लोगों की सेवा करें। ये सभी चीजें आपके पाप कर्म नष्ट कर के सफलता की ओर ले जाती हैं।

आध्यात्म से जुड़ना है जरूरी
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि इसी कारण आध्यात्म से जुड़ना बहुत जरूरी है। अन्यथा आपकी कामनाएं तो रहेंगी लेकिन वो कभी पूरी नहीं होंगी। जिस वजह से शोक, दुख, चिंता, भय आदि लगे ही रहेंगे।

मन की शांति है जरूरी
प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि मन की शांति बहुत जरूरी है। अगर कोई इंसान गरीब भी है लेकिन धर्म के रास्ते पर चलता है, तो आप देखेंगे कि वो शांत है और जीवन में खुश है। वहीं अगर आप धनवान भी हैं लेकिन वासनाओं में लिप्त हैं, तो आपका जीवन हमेशा दुख, शोक, पीड़ा, चिंता आदि से भरा रहेगा।

भजन से ही संभव है मन की शांति
महाराज जी कहते हैं कि मन की शांति सिर्फ भजन से ही संभव है। आप धन, पद और प्रतिष्ठा से सब कुछ खरीद सकते हैं लेकिन मन की शांति नहीं। इसलिए अच्छे कर्म करें, भगवान का भजन करें; सफलता और सुख-शांति अपने आप ही आपके जीवन में प्रवेश करेंगे।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!