September 22, 2026 5:09 am

ममता बनर्जी ने कई नेताओं पर कार्रवाई की, यूथ विंग अध्यक्ष सायोनी घोष हटाई गईं

कोलकाता
ममता बनर्जी की TMC के ज्यादातर विधायकों और सांसदों ने बगावत कर ली है और नया गुट बना लिया है। TMC बनने के बाद से ममता बनर्जी के ऊपर आया यह सबसे बड़ा संकट है। विधानसभा में करीब 64 विधायक अलग हो गए, जबकि लोकसभा में 20 सांसदों ने नया गुट बनाकर एनडीए को समर्थन देने का फैसला किया है। जिन सांसदों ने बगावत की है, उसमें एक समय सबसे ममता और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की करीबी नेता मानी जाने वाली सायोनी घोष भी शामिल हैं। अब ममता बनर्जी ने सायोनी को बड़ा झटका दिया है। उन्हें तृणमूल यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष के पद से हटा दिया गया है। सायोनी घोष वही नेता हैं, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान काबा-मदीना वाला गीत गाकर सुर्खियां बंटोरी थीं।

टीएमसी की शनिवार को वर्किंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें जिन नेताओं ने विरोधी गुट का दामन थाम लिया था, उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया। सायोनी के अलावा, सुदीप बंद्दोपाध्याय को कोलकाता उत्तर के पार्टी प्रमुख पद से हटा दिया गया। उनकी जगह कुणाल घोष को यह जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, माला रॉय को भी वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है।

ममता बनर्जी के घर पर हुई बैठक के बाद, पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "यह वर्किंग कमेटी की बैठक थी। सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है, इसलिए दो पद खाली हो गए। सुदीप बंद्योपाध्याय, माला रॉय और एक और व्यक्ति, जो दूसरी तरफ चले गए हैं और अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें वर्किंग कमेटी से हटा दिया गया है। सौगत रॉय और ज्योतिप्रिय मल्लिक को वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया है। सुदीप बंद्योपाध्याय की जगह कुणाल घोष को कोलकाता उत्तर का अध्यक्ष बनाया गया है। सायोनी घोष को तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। 4000 EVM का जलना एक गंभीर मामला है, हम इसे आगे उठाएंगे।"

ममता के एक और सांसद हुए बागी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद और ममता के करीबी नेताओं में गिने जाने वाले सुदीप बंद्योपाध्याय भी बागी हो गए। उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। उनके साथ पार्टी की बागी सांसद शताब्दी रॉय भी थीं। बंद्योपाध्याय और यादव की मुलाकात ने पार्टी के भीतर जारी संकट के बीच नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दिया, जिससे यह सवाल उठने लगे कि क्या वरिष्ठ सांसद बंद्योपाध्याय बागी गुट में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब बंद्योपाध्याय ने यादव से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी कथित तौर पर मुलाकात की।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!