अनूपपुर/हसदेव क्षेत्र। अब्दुल सलाम क़ादरी
हसदेव क्षेत्र में कोयला खदानों से जुड़े रिपेयरिंग एवं अनुरक्षण कार्यों की निविदाओं को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। क्षेत्र के ठेकेदारों और स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा है कि स्टाफ अधिकारी के पद पर विश्वकर्मा के पदस्थ होने के बाद से कई निविदाओं में स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी कर कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।
सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में रिपेयरिंग, सफाई और एनुअल रिपेयरिंग से जुड़े कई प्रस्ताव तैयार किए गए, जिनमें कार्य की गुणवत्ता और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर केवल कागजी कार्रवाई पूरी कर औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं, जबकि वास्तविक कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रहा।
जेकेडी सब एरिया और बिजुरी सब एरिया में करोड़ों के प्रस्ताव पर उठे सवाल
जानकारी के अनुसार, पिछले माह जेकेडी सब एरिया बिजुरी सब एरिया क्षेत्र में एनुअल रिपेयरिंग कार्यों के लिए लगभग दो-दो करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए। बताया जा रहा है कि ये प्रस्ताव संबंधित यूनिट इंजीनियरों द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तैयार किए गए।
सूत्रों का दावा है कि निविदा प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ प्रमुख ठेकेदारों की बैठक हुई, जिसमें आपसी सहमति से कार्य करने और प्रतिस्पर्धा को सीमित रखने जैसी बातें हुईं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
एल-1 बनने के बाद बदला समीकरण?
चर्चा यह भी है कि निविदा प्रक्रिया के दौरान अधिकांश ठेकेदारों ने आपसी विश्वास के आधार पर आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया एक व्यक्ति के माध्यम से पूरी कराई। आरोप है कि एल-1 घोषित होने के बाद कथित रूप से कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को ही प्राथमिकता दी गई, जबकि अन्य ठेकेदारों को किनारे कर दिया गया।
इस घटनाक्रम से कई ठेकेदारों में नाराजगी और असंतोष व्याप्त बताया जा रहा है। कुछ ठेकेदारों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है तो पूरी निविदा प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविकता सामने आ सकती है।
पारदर्शिता की मांग तेज
क्षेत्र के कई लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये के सार्वजनिक कार्यों में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विभागीय उच्च स्तरीय समिति से कराई जानी चाहिए, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके और ईमानदार ठेकेदारों के हितों की रक्षा हो।
अधिकारी पक्ष आना बाकी
इस मामले में जिन अधिकारियों और व्यक्तियों के नाम चर्चाओं में लिए जा रहे हैं, उनका पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा…..
हसदेव क्षेत्र की सभी कॉलोनियों में जारी रिपेयरिंग एवं विकास कार्यों के वर्क ऑर्डर, स्वीकृत बजट राशि और कार्यों का पूरा रिकॉर्ड हमारे पास उपलब्ध है। ‘खबर 30 दिन’ की टीम प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग कॉलोनियों का मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करेगी। स्वीकृत कार्यों की तुलना मौके पर किए गए कार्यों से की जाएगी। यदि कहीं भी लीपापोती, घटिया निर्माण, अधूरे कार्य या बजट के अनुरूप काम नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार लोगों के नाम सहित दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर समाचार प्रकाशित किए जाएंगे।
स्टाफ ऑफिसर विश्वकर्मा सहित संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता, स्वीकृत एस्टीमेट और विभागीय नियमों के अनुसार कराए जाएं। किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर उसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट जनता के सामने रखी जाएगी।
साथ ही क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि यदि स्टाफ ऑफिसर विश्वकर्मा और क्षेत्रीय महाप्रबंधक की मंशा पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी है, तो जेकेडी सब एरिया में रिपेयरिंग एवं अनुरक्षण कार्यों की निगरानी इंजीनियर विनोद गजभिये तथा बिजुरी सब एरिया में इंजीनियर अभिनव एवं त्रिपाठी जी की देखरेख में कराई जाए। उनका मानना है कि इससे कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर उठ रहे संदेह काफी हद तक दूर हो सकते हैं।
वही पर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एसओ सिविल का कहना है कि ऐसे समाचार रोज छपते है? हमारा कोई कुछ नही उखाड़ सकता है जीएम विजिएलेन्स , चीफ विजिएलेन्स हमारे हाथों में है?





















