जीवाजी और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय में जारी है कुलगुरु की तलाश
भोपाल
लोकभवन को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में कुलगुरु नियुक्त करने के लिए आवेदन जमा करा लिए हैं। देशभर से लोकभवन को 61 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन उनकी अभी तक स्कू्रटनी नहीं हो सकी है। इसका कारण लोकभवन द्वारा अभी तक सर्च कमेटी गठित नहीं करना है। जबकि राज्य शासन और यूजीसी की तरफ से नाम आ चुके हैं। राज्य शासन प्रकश बरचुनिया का नाम भेज दिया है। सिर्फ राज्यपाल पटेल को अपनी प्रतिनिधि को अध्यक्ष के तौर पर नियुक्त होना शेष है। इससे कमेटी पूरी हो जाएगी। उनकी लेटलतीफी के कारण कुलगुरु के चयन में विलंब हो रहा है। लोक भवन ने बीयू के कुलगुरु के लिए आवेदन जमा कराने की अंतिम तिथि 15 मई रखी थी। ढाई माह बाद भी लोकभवन सर्च कमेटी नहीं बना पाया है। जबकि प्रो जैन का इस्तीफा लेकर उन्हें चलता कर दिया गया है। यहां तक कुलगुरु जैन द्वारा बिगाडे गए बीयू के प्रशासनिक ढांचे को सुधारने के लिए उच्च शिक्षा विभाग के एसीएस अनुपम राजन को कार्यवाहक के तौर पर कुलगुरु नियुक्त किया गया है। हालाकि कुलगुरु जैन का कार्यकाल सितंबर में समाप्त हो रहा है। उनका कार्यकाल खत्म होता उसके पहले उन्होंने 19 जून को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके इस्तीफे को डेढ माह का समय बीत गया है, अभी तक सर्च कमेटी तैयार नहीं हो सकी है।
जीवाजी की सर्च कमेटि गठित
लोकभवन को जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में कुलगुरु की नियुक्ति करना है। इसके लिए लोकभवन ने तीन सदस्यीय सर्च कमेटी का गठन कर दिया है। इसमें विक्रम विवि के पूर्व कुलगुरु अखिलेश पांडे को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जबकि अन्य सदस्यों में भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु मिलिंद दांडेकर और बागवानी प्रौद्योगिकी संस्थान ग्रेटर नोएडा के निदेशक डॉ. राम शंकर कुरेल को शामिल किया है। कुरेल अंबेडकर विवि महू में कुलपति रह चुके हैं। लोक भवन को जीवाजी विवि के लिए पचास से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं। उनकी स्कू्रटनी करने के लिए सर्च में जल्द ही बैठक आयोजित करेगी। इसमें कुछ खास प्रोफेसरों के बयोडाटा समाने आये हैं, जो कुलगुरु की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रो योगेंद्र श्रीवास्तव का बयोडाटा काफी स्टोंग बताया गया है। जबकि अन्य आवेदकों में जीवाजी विवि के प्रो एनडी गोस्वामी और दिनेश गुप्ता शामिल हैं। इसी तरह भोपाल के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से एसके खटीक ने भी आवेदन किया है। हालांकि उन्होंने कई बार प्रदेश के अन्य विवि अलावा देख के अन्य विवि में कुलगुरु बनने के लिए आवेदन किया है, लेकिन लोकभवन ने उन्हें तवज्जो नहीं दी है। अब उन्होंने जीवाजी में कुलगुरु बनने के लिए एक बार फिर आवेदन किया है। जीवाजी विवि में कुलगुरु बनने के लिए देशभर से प्रोफेसरों ने आवेदन जमा किए हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार और गुजरात से भी आवेदन जमा किए गए हैं। अब सर्च कमेटी उक्त आवेदनों का स्कू्रटनी कर अयोग्य उम्मीदवारों को बाहर करेगी। इसके बाद चयनित एक दर्जन उम्मीदवारों से परशर चर्चा कर कम से कम तीन उम्मीदवारों का नाम फाइनल का गोपनीय लिफाफा तैयार कर राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सौपेंगी। राज्यपाल उक्त उम्मीदवारों में से किसी एक को जीवाजी विवि का कुलगुरु नियुक्त करेंगे।






















