October 11, 2026 8:37 pm

छत्तीसगढ़: बिलासपुर में 21 आजीवन कैदियों को मिली राहत, अच्छे व्यवहार के चलते रिहाई

बिलासपुर.

अच्छे व्यवहार, अनुशासन और बेहतर आचरण ने जेल की सलाखों के पीछे जीवन बिता रहे 21 कैदियों के लिए नई उम्मीद का रास्ता खोल दिया. बिलासपुर केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे 21 कैदियों को रिहा किया गया है. इनमें 20 पुरुष और एक महिला कैदी शामिल हैं.

इन सभी ने जेल में करीब 14 साल या  उससे अधिक समय बिताया है. जेल में उनके व्यवहार और आचरण को ध्यान में रखते हुए शासन स्तर पर उनकी रिहाई का निर्णय लिया गया. इस फैसले को कैदियों के जीवन में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से दोबारा जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है. केंद्रीय जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता पिछले कुछ महीनों से लगातार बिलासपुर केंद्रीय जेल का दौरा कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कैदियों से जुड़े विभिन्न मामलों पर गंभीरता से ध्यान दिया.

साथ ही, कैदियों की मानसिक स्थिति, जेल में उनके व्यवहार और आचरण को समझने पर विशेष जोर दिया गया. जेल अधीक्षक के मुताबिक, डीजी हिमांशु गुप्ता ने ऐसे कैदियों को रिहा कर समाज की मुख्यधारा में दोबारा शामिल करने के लिए शासन स्तर पर पहल की, जिनका जेल में रहते हुए आचरण अच्छा रहा है और जिन्होंने अनुशासन का पालन किया है. इसी पहल के तहत 21 आजीवन कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हुआ. जेल से रिहा हुए कैदियों के लिए यह केवल सलाखों से बाहर आने का अवसर नहीं, बल्कि अपने जीवन को नए सिरे से शुरू करने की उम्मीद भी है.

लंबे समय तक जेल में रहने के बाद अब उन्हें समाज के बीच लौटकर सामान्य जीवन जीने का अवसर मिलेगा. इस पहल का उद्देश्य अन्य कैदियों को भी सकारात्मक व्यवहार और अनुशासन के लिए प्रेरित करना है. जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा आज 21 दंडित बंदियों को शासन माफी के तहत आजीवन कारावास के बंदियों को रिहा किया गया है. कुछ को निर्शत कुछ को सर्शत मुचलका के द्वारा छोड़ा गया है. सभी बंदी 14 से 16 साल तक की सजा काट चुके है.

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!