March 6, 2026 1:36 am

प्रतापपुर वन घोटाला: RTI दबाने का आरोप, DFO दुलेश्वर साहू पर रेंजर को बचाने की साजिश, अब हाईकोर्ट की शरण

अब्दुल सलाम कादरी। सूरजपुर के प्रतापपुर वन परीक्षेत्र में हुए कथित लाखों रुपये के घोटाले को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्राप्त जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी, लेकिन तय समय-सीमा में सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद प्रथम अपील दायर की गई, जिसकी सुनवाई किए बिना ही अपील को खारिज कर दिया गया।

आरोप है कि डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) दुलेश्वर साहू ने घोटाले में घिरे रेंजर प्रतापपुर (मिश्रा) को बचाने के उद्देश्य से प्रथम अपील को मनमाने आधार पर खारिज किया। अपील खारिज करने का कारण यह बताया गया कि आवेदन में राशन कार्ड संलग्न किया गया है, जबकि अपीलार्थी का दावा है कि उसने प्रमाण पत्र संलग्न किया था, न कि राशन कार्ड।

सूत्रों के मुताबिक, घोटाले को दबाने के लिए DFO साहू और रेंजर प्रतापपुर द्वारा कूटरचित षड्यंत्र रचते हुए एक नया प्रशासनिक “कारनामा” किया गया, ताकि मामले की परतें न खुलें और जिम्मेदारों पर कार्रवाई से बचा जा सके।

मामले में यह भी सामने आया है कि राज्य सूचना आयोग में आरटीआई अपीलों की लंबी कतार के चलते समय पर सुनवाई और निर्णय नहीं हो पा रहा, जिससे न्याय की राह और कठिन हो गई है। ऐसे में अब हाईकोर्ट का रुख करने का निर्णय लिया गया है, ताकि सूचना अधिकार का हनन, कथित अनियमितताओं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच हो सके।

अब सवाल यह है कि

  • क्या सूचना मांगने वाले को जानबूझकर गुमराह किया गया?
  • क्या प्रथम अपील को बिना सुनवाई खारिज करना नियमों का उल्लंघन है?
  • और क्या प्रतापपुर वन परीक्षेत्र के कथित घोटाले में जिम्मेदारों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी?

मामला हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी में है, जहां DFO और रेंजर की भूमिका पर सवाल उठना लाजमी है।

ज्ञात हो की यह वही वन मण्डल है जहाँ के रेस्ट हाउस में बार बालाओं का डांस प्रचलित है….?

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BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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