April 4, 2026 12:46 pm

3 महीने बाद भी काउंसलिंग नहीं, प्रमोशन आदेश बना मज़ाक – शिक्षकों में आक्रोश

अब्दुल साल क़ादरी

  • शिक्षा विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली पर सवाल, मानसिक और आर्थिक नुकसान झेल रहे शिक्षक

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। दिसंबर माह में जारी हुए प्रमोशन आदेश को आज तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक संबंधित शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू तक नहीं हो पाई है। इससे प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी नाराजगी और असंतोष देखने को मिल रहा है।

शिक्षकों का कहना है कि विभाग की लापरवाही के चलते वे मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी झेलने को मजबूर हैं। प्रमोशन के बाद नई पदस्थापना की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षक अनिश्चितता की स्थिति में फंसे हुए हैं। परिवार और कार्य दोनों स्तर पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि इससे पहले दो बार जब प्रमोशन सूची जारी हुई थी, तब काउंसलिंग प्रक्रिया बहुत ही कम समय में पूरी कर ली गई थी। लेकिन इस बार न जाने किस वजह से विभाग पूरी तरह सुस्त नजर आ रहा है। न कोई स्पष्ट जवाब, न कोई तय समय-सीमा – ऐसे में शिक्षकों का धैर्य जवाब देने लगा है।

शिक्षकों ने इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा सचिव और शिक्षा मंत्री से निवेदन किया है कि इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लिया जाए। उनका कहना है कि इस तरह की देरी से न सिर्फ शिक्षकों का मनोबल टूट रहा है, बल्कि विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिक्षकों ने यह भी मांग की है कि संचालक महोदय को निर्देशित किया जाए कि जल्द से जल्द काउंसलिंग प्रक्रिया पूर्ण कराई जाए, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके और वे अपने नए दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

अब देखना यह होगा कि सरकार और शिक्षा विभाग इस बढ़ते असंतोष को कितनी गंभीरता से लेते हैं, या फिर शिक्षकों की परेशानी यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगी।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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