October 17, 2026 6:06 pm

MP कांग्रेस में बड़ा बदलाव, जंबो कार्यकारिणी को खत्म करने का संगठन का ऐलान

भोपाल
 कांग्रेस संगठन के ताज़ा निर्देशों ने मध्य प्रदेश कांग्रेस की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के सख्त आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस में टेंशन का माहौल बन गया है। अब जिलों में मनमाने तरीके से बड़ी कार्यकारिणी बनाने पर रोक लगा दी गई है।

जिला अध्यक्षों को मिला सीधा आदेश

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सभी राज्यों की इकाइयों और जिला अध्यक्षों को पत्र लिखकर साफ निर्देश दिए हैं कि —

बड़े जिलों में अधिकतम 55 सदस्य

छोटे जिलों में सिर्फ 35 सदस्य ही जिला कार्यकारिणी में शामिल किए जाएंगे। यह फैसला AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया।

15 दिन में कार्यकारिणी गठन के निर्देश

वेणुगोपाल ने यह भी साफ कर दिया है कि सभी जिलों को 15 दिन के भीतर नई गाइडलाइन के अनुसार जिला कार्यकारिणी का गठन करना होगा।

MP में पहले ही तोड़ी जा चुकी है गाइडलाइन

मध्य प्रदेश में गुटबाजी को साधने के लिए लंबे समय से जम्बो कार्यकारिणी बनाने की परंपरा रही है। लेकिन नए निर्देश आने से पहले ही 30 जनवरी को कांग्रेस ने तीन जिलों की कार्यकारिणी जारी कर दी, जिनमें तय सीमा से कहीं ज्यादा पदाधिकारी बना दिए गए।

आंकड़े जो बढ़ा रहे हैं संगठन की मुश्किल

छिंदवाड़ा: 240 सदस्य

सागर: 150 से ज्यादा पदाधिकारी

मऊगंज (छोटा जिला): 40 सदस्य

भोपाल शहर: 106 नामों की सूची

भोपाल ग्रामीण: 85 सदस्यों की सूची तैयार

इन आंकड़ों ने अब कांग्रेस संगठन को असमंजस में डाल दिया है। 

अब क्या बदलेगी MP कांग्रेस की रणनीति?

राष्ट्रीय नेतृत्व के सख्त रुख के बाद सवाल यह है कि— क्या जारी की गई जम्बो कार्यकारिणियों में कटौती होगी? या फिर संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ेगा? फिलहाल, कांग्रेस के नए फरमान ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई बेचैनी और सियासी हलचल जरूर पैदा कर दी है।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!