September 19, 2026 10:24 pm

जहरीले दूध से बढ़ता मौत का आंकड़ा: आंध्र में 16 की जान गई, 3 अब भी गंभीर

राजा महेंद्रवरम.

राजामहेंद्रवरम में मिलावटी दूध पीने के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है. कई पीड़ितों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है. इस घटना से पूरे आंध्र प्रदेश में चिंता फैल गई है. यह मामला पिछले महीने की 16 तारीख को सामने आया था. इस घटना के बाद अब भी शहर के लोग गहरे सदमे में हैं.

अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई. डॉक्टर अभी भी उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने वह जहरीला दूध पिया था. वर्तमान में, एक पांच महीने के शिशु और दो साल के बच्चे सहित पांच मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि सभी मरीज वेंटिलेटर पर हैं. उनका डायलिसिस किया जा रहा है. डॉक्टरों का कहना है कि जहरीले रसायन ने शरीर के जरूरी अंगों को पहले ही काफी नुकसान पहुंचा दिया था, जिससे इलाज करना बेहद मुश्किल हो गया. मरने वालों में दो बच्चे, मनोहर (6 साल) और जयकृत राज (3 साल) भी शामिल हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि दूध में 'इथाइलीन ग्लाइकॉल' नाम का एक बेहद जहरीला रसायन मिला था. आरोप है कि यह दूध कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम के रहने वाले गणेश्वर राव नाम के विक्रेता ने सप्लाई किया था. इस घटना का पता तब चला जब एक ही परिवार के चार सदस्यों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने इसकी जांच शुरू की.

मेडिकल जांच में मरीजों के सीरम क्रिएटिनिन का स्तर 8 से 11 के बीच पाया गया, जो किडनी के गंभीर नुकसान को दर्शाता है. मरीजों का इलाज मशहूर किडनी विशेषज्ञ डॉ. रविराज की देखरेख में किया गया, वहीं हैदराबाद के विशेषज्ञों ने भी अस्पताल आकर स्थिति का जायजा लिया और जरूरी सलाह दी. अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाकों के लगभग 65 दूध विक्रेता राजमहेंद्रवरम शहर में दूध की सप्लाई करते हैं, और इस मिलावट कांड ने पूरे कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है. अधिकारी अब ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत निगरानी प्रणाली और सख्त खाद्य सुरक्षा जांच की जरूरत पर जोर दे रहे हैं.

विशेषज्ञों ने भी जनता के बीच जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं को मिलावटी दूध की पहचान करने और संदिग्ध उत्पादों की सूचना देने के लिए शिक्षित किया जा सके. उनका कहना है कि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचने के लिए दूध की सप्लाई चेन का नियमित निरीक्षण और खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है.
इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है, जो इतने मासूम लोगों की जान लेने वाली इस मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

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Author: Editor

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