October 9, 2026 11:15 am

आजीवन कारावास के बाद ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पर गिरी गाज, सेवा से बर्खास्त

दुर्ग.

विशेष न्यायालय (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) रायपुर द्वारा गंभीर आपराधिक प्रकरण में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए संभागीय संयुक्त संचालक कृषि, संभाग- दुर्ग श्रीमती गोपिका गभेल ने त्वरित शासकीय प्रक्रिया के तहत गंभीर कदाचरण के दोषी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू को तत्काल प्रभाव से शासकीय सेवा से पदच्युत (बर्खास्त कर दिया गया है।

शासन के नियमों के तहत नौकरी से निष्कासित किए जाने के बाद अब वे भविष्य में किसी भी शासकीय नियोजन (सरकारी नौकरी) के लिए पूरी तरह से अयोग्य होंगे। इसके साथ ही, दोषसिद्धि की तिथि से उन्हें किसी भी प्रकार के शासकीय सेवा परिलाभों की पात्रता नहीं होगी। ज्ञात हो कि विकासखण्ड मानपुर, जिला मोहला- मानपुर – अं. चौकी के क्षेत्र सीतागांव में पदस्थ रहे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवनारायण साहू, पिता रोहित साहू के विरुद्ध नगर पुलिस अधीक्षक माना, जिला रायपुर द्वारा भारतीय न्याय संहिता, 2023 एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर 08 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया था।

इस हेतु उन्हें पूर्व में उप संचालक कृषि, जिला मोहला मानपुर- अं. चौकी द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित भी किया गया था। इस गंभीर आपराधिक मामले में अंतिम फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश, एससी/एसटी एक्ट रायपुर द्वारा 02 मई 2026 को देवनारायण साहू को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (2) (ड), धारा 69 और एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3 (2) (ट) के तहत दोषी पाते हुए क्रमशः 10-10 वर्ष के कठोर कारावास तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास सहित अर्थदंड से दंडित किया गया है।

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Author: Editor

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