रायपुर
स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जशपुर जिलेवासियों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जनसंपर्क विभाग द्वारा रणजीता स्टेडियम के समीप तीन दिवसीय विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। 13 से 15 अगस्त तक आयोजित इस प्रदर्शनी में ‘हर घर तिरंगा’, ‘राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्’ और ‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ की थीम पर आधारित छायाचित्रों के माध्यम से देश के इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय एकता से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत ने प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
नगर पालिका अध्यक्ष भगत ने कहा कि प्रदर्शनी स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास, महान स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और राष्ट्रीय एकता के महत्व को समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों से परिचित कराने के साथ देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करने में ऐसी प्रदर्शनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
प्रदर्शनी में भारत की स्वतंत्रता यात्रा, राष्ट्रीय ध्वज की महत्ता, राष्ट्रभक्ति की भावना और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। साथ ही वर्ष 1947 में भारत विभाजन के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों, विस्थापन, संघर्ष और लोगों की पीड़ा से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों को भी प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया है। प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को इतिहास के इस महत्वपूर्ण अध्याय से परिचित कराते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे के प्रति जागरूक करना है।
हर घर तिरंगा से राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान का संदेश
‘हर घर तिरंगा’ थीम के माध्यम से नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ तिरंगे की गरिमा, राष्ट्र के प्रति गौरव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया जा रहा है। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय ध्वज की यात्रा और देश की एकता एवं अखंडता में उसके महत्व को भी रेखांकित किया गया है।
वंदे मातरम् ने जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना
वंदे मातरम्’ थीम के अंतर्गत राष्ट्रीय गीत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को प्रदर्शित किया गया है। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों में मातृभूमि के प्रति प्रेम, त्याग और समर्पण की भावना को प्रबल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदर्शनी में इससे जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों और स्वतंत्रता सेनानियों एवं क्रांतिकारियों में जागृत राष्ट्रप्रेम को छायाचित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।
’विभाजन की त्रासदी से शांति और सद्भाव का संदेश’
‘भारत विभाजन की विभीषिका-स्मरण दिवस’ के अंतर्गत वर्ष 1947 के विभाजन से जुड़ी घटनाओं को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों के माध्यम से विभाजन के दौरान लोगों के विस्थापन, संघर्ष, पीड़ा और कठिन परिस्थितियों की मार्मिक झलक प्रस्तुत की गई है। इसका उद्देश्य विभाजन की त्रासदी को स्मरण करते हुए वर्तमान पीढ़ी को शांति, आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता का महत्व समझाना है।
’छात्राओं ने जानी स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा’
महारानी लक्ष्मीबाई शासकीय उच्चतर माध्यमिक आदर्श कन्या शाला की छात्राओं ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। छात्राओं ने कहा कि प्रदर्शनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाले महानायकों के योगदान से परिचित कराने के साथ उनसे प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करती है। विभाजन की विभीषिका से जुड़े छायाचित्रों के माध्यम से उन्हें वर्ष 1947 के दौरान लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन और त्रासदी की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी इतिहास से सीख लेते हुए वर्तमान में आपसी सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती है। छात्राओं ने प्रदर्शनी को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और देशभक्ति की भावना जागृत करने वाला बताया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण जनसंपर्क विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित स्कूली छात्र छात्राओं एवं नागरिक उपस्थित रहे।






















