भोपाल
मध्य प्रदेश में 23 सितंबर से भारी बारिश का दौर शुरू होगा। IMD (मौसम केंद्र) के मुताबिक, 24 और 25 सितंबर को सिस्टम की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी देखने को मिलेगी। 2 दिन में 17 जिलों में अति भारी या भारी बारिश हो सकती है।
प्रदेश में अब तक औसत 33.7 इंच पानी गिर चुका है। आगामी दिनों में तेज बारिश होने से इस आंकड़े सुधार की उम्मीद है। बता दें कि दक्षिण-पश्चिम मानसून सितंबर के आखिरी सप्ताह से विदा होना शुरू हो जाएगा, लेकिन इससे पहले तेज बरसात का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) की वजह से प्रदेश में भारी बारिश के आसार दिखाई दे रहे हैं। 23 सितंबर से कुछ जिलों में पानी गिरेगा।
पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में असर ज्यादा रहेगा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में भी अलर्ट है।
इससे पहले रविवार रात को भोपाल के कई इलाकों में तेज पानी गिरा। नर्मदापुरम में हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया।
बिजली गुल होने से शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।
सोमवार को भी भोपाल समेत कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। शाम को बादल छाए रहे। रात में कोलार इलाके में हल्की बारिश रिकॉर्ड की गई।
प्रदेश में अब तक 6 प्रतिशत बारिश कम IMD की मानें तो प्रदेश में अब तक 856.8 मिमी यानी, 33.7 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 36.3 इंच (922.6 मिमी) की तुलना में 2.6 इंच कम है। वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 2% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 10% बारिश कम हुई है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 2% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 23% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। सोमवार को आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा।
वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 49% कम पानी गिरा है।
इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश IMD की माने तो अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।






















