February 11, 2026 3:47 am

भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को मजबूती: मैक्रों दौरे से पहले 114 राफेल खरीद को हरी झंडी

नई दिल्ली 

भारतीय रक्षा खरीद बोर्ड (Defence Procurement Board) ने भारतीय वायु सेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) के सामने रखा जाएगा। अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से लगने की उम्मीद है।
मेक इन इंडिया पर ज़ोर

सूत्रों के मुताबिक, इस डील की सबसे अहम बात यह है कि राफेल विमानों का अधिकतर निर्माण भारत में किया जाएगा। ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 30 फीसदी स्वदेशी कंटेंट शामिल होगा। शुरुआती चरण में 12 से 18 राफेल जेट सीधे फ्रांस से ‘फ्लाई-अवे कंडीशन’ में भारत लाए जाएंगे, जबकि बाकी विमानों का निर्माण भारत में निजी कंपनियों की साझेदारी से होगा।
3.25 लाख करोड़ रुपये की डील

भारत और फ्रांस के बीच इस राफेल सौदे की कुल लागत करीब ₹3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है। डील पूरी होने के बाद भारतीय वायुसेना के पास राफेल विमानों की कुल संख्या 176 हो जाएगी, जिससे वायुसेना की ताकत और रणनीतिक क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।
हथियारों के इंटीग्रेशन की अनुमति

हालांकि इस डील में राफेल का सोर्स कोड भारत को नहीं मिलेगा, लेकिन भारत को अपने स्वदेशी और अन्य हथियारों को राफेल में इंटीग्रेट करने की पूरी छूट होगी। इससे भारतीय वायुसेना अपनी जरूरत के हिसाब से विमानों को और ज्यादा सक्षम बना सकेगी।
ऑपरेशन सिंदूर में राफेल की सफलता का प्रदर्शन

भारतीय वायुसेना के मौजूदा 36 राफेल जेट पहले ही अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों ने SCALP मिसाइल, Meteor एयर-टू-एयर मिसाइल और HAMMER बमों के साथ आतंकी ठिकानों और दुश्मन के सैन्य ठिकानों को सटीक निशाना बनाया था।
मैक्रों की प्रस्तावित भारत यात्रा से पहले अहम कदम

यह पूरा मामला ऐसे समय आगे बढ़ा है, जब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 15 से 17 फरवरी 2026 के बीच भारत दौरे पर आने वाले हैं। इससे भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिलने के संकेत मिल रहे हैं।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन