नई दिल्ली
इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद से पूरा मध्य-पूर्व क्षेत्र धधक रहा है। इस आग में हजारों भारतीय भी झुलस रहे हैं। इनमें कुछ विद्यार्थी तो कुछ टूरिस्ट हैं। सबसे ज्यादा वो लोग हैं, जो रोजी-रोटी की तलाश में खाड़ी देशों में गए थे लेकिन हवाई हमलों की वजह से एयरस्पेस बंद हो चुके हैं। ऐसे में ये लोग वहां फंस गए हैं। लिहाजा, बढ़ते तनाव ने हजारों भारतीयों को अनिश्चितता और भय के बीच ला खड़ा किया है। दुबई, अबू धाबी जैसे विश्व-प्रसिद्ध शहरों में भी अब सायरन बजने और मिसाइल हमले की खबरें आम हो गई हैं। बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीयों के बीच भय का माहौल है।
ऐसे हालात में इन देशों में फंसे भारतीय नागरिक सोशल मीडिया पर भारत सरकार से फौरन निकालने की गुहार लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी अपीलों की बाढ़ आ गई है, जिनमें से कई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय (MEA) से निकालने की अपील की है। हालांकि, MEA ने प्रभावित देशों में भारतीयों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो मेडिकल इमरजेंसी, सुरक्षा और निकासी से जुड़े सवालों के लिए मदद देते हैं।
मिडिल-ईस्ट में फंसे भारतीय क्या लिख रहे?
दुबई में एक वर्कर ने इंस्टाग्राम रील पर पोस्ट किया, "मैं यहां रोजी-रोटी के लिए आया था, लेकिन अब मैं बम से बचने की जगह तलाश कर रहा हूं। मैं मोदी जी और भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि हमें यहां से निकालें।" सैकड़ों टूरिस्ट भी दुबई और अबू धाबी में फंसे हुए हैं। मिडिल ईस्ट के कई संस्थानों में पढ़ने वाले MBA और मेडिकल के स्टूडेंट भी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें भारत सरकार से मदद मांगी जा रही है।
छात्र और पर्यटक भी संकट में
स्थिति केवल खाड़ी देशों में कमाने गए कामगारों तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में पर्यटक और छात्र भी इस संकट में फंसे हुए हैं। खासकर तेहरान में पढ़ रहे भारतीय मेडिकल छात्रों ने भावुक अपीलें की हैं। एक छात्रा ने कहा, “यहां हालात बहुत खराब और अनिश्चित हैं। हमें नहीं पता अगला पल क्या होगा। कृपया जल्द से जल्द हमें सुरक्षित निकाला जाए।” एक अन्य छात्र ने बताया कि लगातार हो रहे हमलों के कारण सभी छात्र भयभीत हैं और सरकार से तत्काल मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
बड़ी संख्या में भारतीय प्रभावित
बता दें कि मध्य पूर्व में लगभग 90 लाख भारतीय रहते हैं, जिनमें अधिकांश मजदूर वर्ग से हैं। इनके अलावा विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के लगभग 2000 छात्र हैं, जो ईरान में पढ़ाई कर रहे हैं और गंभीर जोखिम में हैं। उनके लिए जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
सरकार की पहल
इस संकट के बीच विदेश मंत्रालय भारत ने प्रभावित देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की है। ये हेल्पलाइन चिकित्सा सहायता, सुरक्षा और संभावित निकासी से जुड़ी जानकारी प्रदान कर रही हैं। साथ ही, मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि भारत इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करता है और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव कम करने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील करता है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है। एक बयान में, MEA ने ईरान और खाड़ी में हो रहे डेवलपमेंट पर गहरी चिंता जताई है।
मंत्रालय ने कहा, "ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।" मंत्रालय ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी और संप्रभुता का सम्मान करने पर ज़ोर दिया।
MEA ने जारी की हेल्पलाइन
MEA ने इस इलाके में भारतीयों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट्स की एक लिस्ट जारी की है:
– रामल्लाह (फ़िलिस्तीन): फ़ोन: +970592916418; ईमेल: repoffice@mea.gov.in / cons.ramallah@mea.gov.in
– दोहा (क़तर): फ़ोन: 00974-55647502; ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
– रियाद (सऊदी अरब): फ़ोन: 00-966-11-4884697; WhatsApp: 00-966-542126748; टोल फ़्री: 800 247 1234; ईमेल: cw.riyadh@mea.gov.in
– तेल अवीव (इज़राइल): फ़ोन: +972-54-7520711 / +972-54-2428378; ईमेल: cons1.telaviv@mea.gov.in
– तेहरान (ईरान): फ़ोन: +989128109115 / +989128109109 / +989128109102 / +989932179359
– अबू धाबी (UAE): टोल फ़्री: 800-46342; WhatsApp: +971543090571; ईमेल: pbsk.dubai@mea.gov.in / ca.abudhabi@mea.gov.in
– कुवैत: फ़ोन: +96565501946; ईमेल: community.kuwait@mea.gov.in
– बहरीन: फ़ोन: 00973-39418071
– मस्कट (ओमान): टोल फ़्री: 80071234; WhatsApp: +96898282270; ईमेल: cw.muscat@mea.gov.in / cons.muscat@mea.gov.in
– जॉर्डन: फ़ोन: 00962-770 422 276
– बगदाद (इराक): फ़ोन: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899






















