May 28, 2026 7:48 pm

जनता के मंसूबों पर पानी फेर रही नगर निगम की अव्यवस्था, इण्टक और लोकमंच का तीखा प्रहार

चिरमिरी। चिरमिरी शहर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर अब जनाक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। शहर के कई वार्डों में पानी, बिजली और साफ-सफाई जैसी आवश्यक सुविधाएँ पूरी तरह चरमरा चुकी हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी जनता की समस्याओं से बेखबर होकर छुट्टी पर चले गए हों तथा पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे संचालित हो रही हो।

शहर की सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढों ने लोगों का चलना दूभर कर दिया है। बरसात शुरू होने से पहले भी सड़क मरम्मत का कार्य नहीं हो पाया है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और भयावह होने की आशंका जताई जा रही है। पेयजल संकट की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि गोदरीपारा क्षेत्र में सभी राजनीतिक दलों और आम नागरिकों को संयुक्त रूप से धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा। शहर के मध्य क्षेत्र हल्दीबाड़ी तक में पानी की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन नगर निगम प्रशासन समस्याओं के समाधान की बजाय जिम्मेदारी से बचने और प्रस्ताव-स्वीकृति की औपचारिक प्रक्रिया का हवाला देकर अपनी जवाबदेही से पल्ला झाड़ता नजर आ रहा है।

इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस समर्थित श्रमिक संगठन साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इण्टक) तथा सामाजिक संगठन लोकमंच ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। दोनों संगठनों ने शहर की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु 38 सूत्रीय मांगपत्र नगर निगम आयुक्त को सौंपा था, लेकिन उस पर कोई ठोस पहल नहीं होने से अब पुनः स्मरण पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

इण्टक अध्यक्ष अब्दुल सलीम एवं लोकमंच अध्यक्ष तथा पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो नगर निगम की हठधर्मिता और लापरवाही के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

नगर निगम आयुक्त रामप्रसाद आंचला को दिए गए ज्ञापन में शहर की साफ-सफाई, बिजली-पानी व्यवस्था और सड़क मरम्मत जैसे मूलभूत मुद्दों के साथ-साथ कई गंभीर अनियमितताओं को भी उठाया गया है। मांगपत्र में ठेका कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान, बीमा सुविधा लागू करने, कार्य के दौरान मृत्यु का शिकार हुए कर्मचारी स्व. बाबूलाल के परिजनों को बीमा राशि देने, पीलिया से मृत लोगों के परिवारों को मुआवजा प्रदान करने तथा कमीशनखोरी के आरोपों में अनावश्यक खरीदी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।

इसके अलावा सिटी बस सेवा, एम्बुलेंस एवं शव वाहन व्यवस्था को सुचारु करने, पानी टंकियों और टैंकरों की नियमित सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत, हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार तक जर्जर सड़क निर्माण, शहरभर की सड़कों की मरम्मत, मुक्तिधाम में लकड़ी व्यवस्था, सर्दी के मौसम में अलाव की व्यवस्था तथा स्वच्छ भारत मिशन को विफल करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई है।

ज्ञापन में घड़ी चौक, रोड सेफ्टी मिरर और ओपन जिम जैसी सार्वजनिक सुविधाओं की खराब स्थिति सुधारने, पट्टा वितरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने, प्रधानमंत्री आवास योजना के लंबित मामलों को पूरा करने तथा निविदा प्रक्रिया में बंद लिफाफों से दस्तावेज चोरी होने की घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी शामिल है।

दोनों संगठनों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को भी सौंपते हुए जनहित में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। शहर की जनता अब प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ संगठित होती नजर आ रही है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

विज्ञापन