April 26, 2026 2:46 pm

मनेन्द्रगढ़ वन परीक्षेत्र में कथित घोटाले पर नया आरोप, पीसीसीएफ तक पहुंची कमीशन?

मनेन्द्रगढ़ / एमसीबी / छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ वन परीक्षेत्र में कथित ठेकेदारी प्रथा, निर्माण कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों ने अब और गंभीर रूप ले लिया है। अब रिटायर्ड रेंजर द्वारा यह दावा किए जाने की चर्चा है कि मामले को दबाने के लिए पीसीसीएफ स्तर तक कमीशन पहुंचाया गया। इस आरोप ने पूरे वन विभाग और भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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मनेन्द्रगढ़ वन परीक्षेत्र के खोंगापानी, लेदरी, झगराखण्ड, पराडोल, बंजी बुंदेली और नारायणपुर जंगल क्षेत्र में तालाब निर्माण, स्टॉप डेम, बोल्डर चेक डेम सहित कई कार्य कराए गए थे। आरोप है कि इन कार्यों में भारी अनियमितताएं हुईं, घटिया निर्माण कराया गया और सरकारी राशि का दुरुपयोग हुआ।

शिकायतकर्ता का कहना है कि ठेकेदारों के खातों में रकम ट्रांसफर कर बाद में पैसे वापस लिए गए। स्थानीय मजदूरों को रोजगार देने के बजाय बाहरी मजदूरों से काम कराया गया।

मामले में तत्कालीन रेंजर कुर्रे पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। चर्चा है कि रिटायर होने से पहले उन्होंने कई अहम खुलासे किए। आरोप है कि रिटायर्ड रेंजर ने यह भी कहा कि मामले को शांत कराने और जांच दबाने के लिए पीसीसीएफ श्रीनिवास राव तक कमीशन पहुंचाया गया। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं डीएफओ मनीष कश्यप, संबंधित एसडीओ और सीसीएफ अंबिकापुर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन कार्रवाई आज तक अधूरी है।

बड़ा सवाल:

  • क्या पीसीसीएफ स्तर तक कमीशनखोरी का खेल चला?
  • अगर आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच क्यों नहीं हो रही?
  • क्या भाजपा सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करेगी?
  • क्या दोषियों पर सख्त कदम उठेंगे?

मनेन्द्रगढ़ वन परीक्षेत्र का यह मामला अब बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जनता चाहती है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच हो और सच सामने आए। अब देखना होगा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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