नई दिल्ली
पाकिस्तान की सरकारी कंपनियों को राजनीतिक दखल, खराब शासन और अव्यवस्था की वजह से भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एक पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि हालात ऐसे हैं कि सरकारी कंपनियां बहुत कम कीमतों पर प्रोडक्ट्स और सर्विस बेचने के लिए मजबूर हैं। पाकिस्तान के एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार शासन में सुधार करने के बजाय, एक के बाद एक आने वाली सरकारें मुश्किल फैसले टालती रहती हैं। सरकारी कंपनियों को खराब परफॉर्मेंस, राजनीतिक हस्तक्षेप और कमजोर उत्तरदायित्व के बावजूद नियमित तौर पर बनाए रखा जाता है। जब वे भारी नुकसान और बहुत ज्यादा कर्ज जमा कर लेती हैं, तभी अचानक निजीकरण को हल मान लिया जाता है। यह पैटर्न सभी क्षेत्रों में एक जैसा दिखता है। व्यवसायिक मैनेजमेंट की जगह धीरे-धीरे राजनीतिक नियुक्ति ले लेती है, और कमर्शियल अनुशासन खत्म हो जाता है। सालों की अनदेखी और पब्लिक फंड डालने के बाद ऐसी कंपनियों को बेचने से नुकसान सामाजिक हो जाता है और फायदे प्राइवेट हो जाते हैं।
पाकिस्तान में निजीकरण शायद ही कभी कोई जानबूझकर या अच्छी तरह से प्लान किया गया इकोनॉमिक रिफॉर्म रहा हो। पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीआईए) इस नाकामी को साफ तौर पर दिखाता है। कभी एक जानी-मानी क्षेत्रीय एयरलाइन, पीआईए को ज्यादा स्टाफ, राजनीतिक हस्तक्षेप और बिजनेस लॉजिक की कमी ने कमजोर कर दिया। एक के बाद एक सरकारों ने एयरलाइन को एक कमर्शियल एंटिटी के बजाय सिर्फ पैसे कमाने का जरिया माना।
इसे चालू रखने के लिए अरबों रुपए खर्च किए गए, जबकि सर्विस की क्वालिटी खराब होती गई और प्रतिस्पर्धा खत्म हो गई। पीआईए का निजीकरण किया जाना कोई रणनीतिक योजना नहीं थी। यह लंबे समय से चली आ रही गवर्नेंस की नाकामी को मानना था। प्राइवेटाइजेशन के सपोर्टर अक्सर टेलीकॉम कंपनी पीटीसीएल को इस बात का सबूत बताते हैं कि प्राइवेट ओनरशिप से परफॉर्मेंस बेहतर होती है। असल में, प्राइवेटाइजेशन के बाद पीटीसीएल ने ऑपरेशनल और तकनीकी सुधार किए। नेटवर्क मॉडर्नाइजेशन और सर्विस का विस्तार हुआ।
फिर भी यह उदाहरण पाकिस्तान के प्राइवेटाइजेशन के तरीकों में गहरी कमियों को भी सामने लाता है। सालों बाद भी, हजारों पुराने सरकारी कर्मचारी और पेंशनर पेंशन, सर्विस रेगुलराइजेशन, और प्राइवेटाइजेशन के बाद के अधिकारों को लेकर चल रहे केस में फंसे हुए हैं। ये अनसुलझे झगड़े बताते हैं कि कैसे इंसानी और कानूनी खर्चों को दूसरी चिंता माना गया। आर्टिकल में कहा गया है कि वे एक ऐसे प्रोसेस का खुलासा करते हैं जो इंस्टीट्यूशनल जिम्मेदारी को सुरक्षित रखने के बजाय लेनदेन को पूरा करने पर फोकस करता है। प्राइवेटाइजेशन से कंज्यूमर्स को अपने आप कम कीमतों का फायदा मिलता है, यह सोच गुमराह करने वाली है। पाकिस्तान का अपना अनुभव इस सोच को गलत साबित करता है। के-इलेक्ट्रिक इसका एक साफ उदाहरण है। प्राइवेटाइजेशन के बावजूद, बिजली के टैरिफ कम नहीं हुए हैं, बल्कि रिकॉर्ड लेवल तक बढ़ गए हैं।
लेटेस्ट न्यूज़
झगराखंड सब एरिया में कथित फर्जी नियुक्ति का मामला, CBI और विजिलेंस से जांच की मांग?
August 13, 2026
12:05 pm
‘चोर-चोर मौसेरे भाई?’ वन अपराधों की जानकारी रोकने पर उठे सवाल
July 15, 2026
12:57 pm
आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान, साख बचाने के लिए सरकारी उपक्रम बेचने की मजबूरी
विज्ञापन
बीबीसी लाईव-वीडियो


MCB ब्रेकिंग न्यूज़: मनेंद्रगढ़-केल्हारी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, बस पेड़ से टकराई-देखे पूरी वीडियो
October 22, 2026
No Comments
Read More »

खोंगापानी की सड़क के गड्ढों में दफन विकास के दावे! विधायक-सांसद बताएं, सड़क कब बनेगी?
October 21, 2026
No Comments
Read More »

मेहदावल की बेटी शमीमा खातून ने बढ़ाया क्षेत्र का मान, UPPSC LT ग्रेड मेंस परीक्षा में हासिल किया चयन
October 18, 2026
No Comments
Read More »




सराफा डैम परिसर में वृहद पौधरोपण, 5,500 पौधे लगाने का लक्ष्य
October 9, 2026
No Comments
Read More »


पारसा कोल माइंस के CA प्लांटेशन पर सवाल, गड्ढों से लेकर फेंसिंग तक जांच की मांग
October 8, 2026
No Comments
Read More »

“सूरजपुर दोहरा हत्याकांड: 3 दोषियों को फांसी, चौथे को उम्रकैद—अदालत का बड़ा फैसला”
October 8, 2026
No Comments
Read More »


गांधीवाद और गांधीवादी विचारों की आज के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता
October 3, 2026
No Comments
Read More »

हसदेव की अंडरग्राउंड खदानों में ठेका खेल? करोड़ों के कामों की स्वतंत्र जांच की मांग
October 1, 2026
No Comments
Read More »




खोंगापानी नगर पंचायत में जांच की मांग पर सियासत? क्या वाकई में 17 करोड़ का घोटाला हुआ है ?
September 25, 2026
No Comments
Read More »

नगर पंचायत खोंगापानी में भुगतान एवं खरीदी की विशेष ऑडिट की मांग
September 23, 2026
No Comments
Read More »

आज का राशिफल 3 सितंबर: इन राशियों के लिए शुभ रहेगा बुधवार
September 22, 2026
No Comments
Read More »


