October 22, 2026 11:20 pm

मौत बनकर सड़कों पर दौड़ रहीं बसें! केल्हारी हादसे में करीब 6 यात्रियों की मौत से खुली परिवहन व्यवस्था की पोल, अनफिट बसों और नशे में ड्राइविंग पर उठे गंभीर सवाल

अब्दुल सलाम क़ादरी। मनेन्द्रगढ़-कोरिया। सड़कों पर दौड़ती यात्री बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। केल्हारी में आज हुए दर्दनाक बस हादसे में करीब 6 यात्रियों की मौत की खबर ने परिवहन व्यवस्था और निगरानी तंत्र को कठघरे में खड़ा कर दिया है। यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि यात्री सुरक्षा, वाहनों की फिटनेस और सड़क पर नियमों के पालन को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।

केल्हारी हादसे ने खोली व्यवस्था की पोल

मनेन्द्रगढ़ और कोरिया जिले में यात्री बसों की स्थिति को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में केल्हारी में हुए हादसे ने बसों की तकनीकी स्थिति, चालकों की जिम्मेदारी और परिवहन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों को सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिन बस संचालकों और चालकों की है, यदि उन्हीं के स्तर पर लापरवाही होती है, तो इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

नशे में वाहन चलाने के आरोप, यात्रियों की जान खतरे में

यात्री वाहनों के चालकों द्वारा नशे की हालत में वाहन चलाने की आशंकाएं भी गंभीर चिंता का विषय हैं। यदि कोई चालक शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में बस चलाता है, तो वह यात्रियों के साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की जान भी जोखिम में डालता है। ऐसे मामलों में नियमित ब्रेथ एनालाइजर जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई बेहद जरूरी है। हालांकि, केल्हारी हादसे में चालक नशे में था या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

आरटीओ की निगरानी पर सवाल, जवाबदेही कौन तय करेगा?

बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा और सुरक्षा मानकों की जांच करना परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है। यदि कोई बस निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना सड़क पर चलती है, तो यह निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।

अब मांग उठ रही है कि मनेन्द्रगढ़ और कोरिया जिले में संचालित सभी यात्री बसों की फिटनेस की जांच की जाए। चालकों के लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच के साथ नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर भी सख्ती की जाए। परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच भी होनी चाहिए।

हादसे के बाद ही जागेगा प्रशासन?

केल्हारी की घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। क्या प्रशासन नियमित जांच अभियान चलाएगा? क्या नियमों का उल्लंघन करने वाली बसों पर कार्रवाई होगी? और क्या लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी?

यात्रियों की जान से बढ़कर कुछ नहीं। प्रशासन को हादसे की निष्पक्ष जांच कराते हुए दुर्घटना के कारणों का खुलासा करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

बड़ा सवाल: केल्हारी में हुए हादसे के बाद क्या परिवहन विभाग जागेगा, या यात्री इसी तरह असुरक्षित सफर करने को मजबूर रहेंगे?

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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