October 28, 2026 5:33 pm

मोहन यादव सरकार ने लिया बड़ा फैसला, सरकारी नौकरियों के लिए दो बच्चों की शर्त को समाप्त करने की दिशा में कदम

भोपाल
 मध्य प्रदेश सरकार सरकारी नौकरी के लिए दो बच्चों की शर्त हटाने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विधि विभाग से सलाह के बाद इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट में अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस बदलाव से उन कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जो इस नियम के कारण नौकरी के लिए अपात्र हो गए थे या जिनकी सेवाएं समाप्त हो गई थीं।

2001 से लागू था नियम
यह नियम 26 जनवरी, 2001 से लागू था, जिसके तहत तीसरा बच्चा होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलती थी और नौकरी में रहते हुए तीसरा बच्चा होने पर सेवा समाप्त कर दी जाती थी। यह नियम तब बनाया गया था जब प्रदेश में प्रजनन दर अधिक थी। हालांकि, सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) बुलेटिन 2023 के अनुसार, मध्य प्रदेश की कुल प्रजनन दर (टीएफआर) 2.4 है, जो भारत की टीएफआर 1.9 से अधिक है। शहरी क्षेत्रों में यह दर 1.8 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.6 है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य पहले ही इस तरह के नियमों को संशोधित कर चुके हैं।

इन कर्मचारियों को होगा लाभ
इस नए नियम से स्कूल, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और अन्य विभागों के कर्मचारियों को लाभ होगा। हालांकि, जिन कर्मचारियों पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें इस नए नियम से कोई राहत नहीं मिलेगी क्योंकि इसे पिछली तारीख से लागू नहीं किया जाएगा।

परिवीक्षा अवधि में भी संशोधन
इसके साथ ही, परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि को लेकर भी नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब कर्मचारी परिवीक्षा अवधि पूरी होने के छह महीने के भीतर नियमित कर दिए जाएंगे, जिससे उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि पर पड़ने वाले असर को रोका जा सकेगा। परिवीक्षा अवधि के नियम में भी सरकार संशोधन कर रही है। अब नियुक्ति के बाद दो या तीन साल की परिवीक्षा अवधि पूरी होने के छह महीने के भीतर कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा।

अभी इसमें देरी होने से कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान होता है, क्योंकि उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि पर इसका असर पड़ता है। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ लगातार इस बात को उठा रहा था कि परिवीक्षा अवधि समाप्त करने के लिए समितियों की बैठकें नियमित रूप से होनी चाहिए।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!