October 21, 2026 10:06 am

बांगलादेशी सेना में हुआ बड़ा बदलाव, भारत में रुके अफसर को वापस बुलाया पद संभालने के लिए

ढाका 

बांग्लादेश सेना के शीर्ष स्तर परबड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें एक नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) की नियुक्ति भी शामिल है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट से यह जानकारी प्राप्त हुई। इस फेरबदल से प्रमुख रणनीतिक कमानों के साथ-साथ देश की प्रमुख सैन्य खुफिया एजेंसी भी प्रभावित हुई है।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, सेना मुख्यालय द्वारा जारी किए गए ये बदलाव प्रधानमंत्री तारिक रहमान की नई सरकार के 17 फरवरी को सत्ता संभालने के कुछ दिनों बाद हुए हैं। 'प्रोथोम आलो' ने रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को सीजीएस के रूप में नियुक्त किया गया है, जबकि वह पहले सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान (ARTDOC) के प्रमुख या जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में कार्यरत थे।

भारत में बांग्लादेश उच्चायोग के रक्षा सलाहकार, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के उच्च पद और दर्जे के साथ एक पैदल सेना डिवीजन के जीओसी के रूप में कार्यभार संभालने के लिए वापस बुलाया गया है।

बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) ने 12 फरवरी को हुए महत्वपूर्ण चुनावों में दो-तिहाई बहुमत हासिल किया। 60 वर्षीय रहमान ने 17 फरवरी को शपथ ली, जिससे मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन का अंत हुआ।
बांग्लादेशी विदेश मंत्री से मिले भारतीय उच्चायुक्त

ढाका में नियुक्त उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने  कहा कि बांग्लादेश की नई सरकार के साथ संवाद को आगे बढ़ाने के लिए भारत उत्सुक है। उन्होंने नई दिल्ली की ओर से ढाका के साथ फिर से सक्रिय रूप से बातचीत की इच्छा व्यक्त की। तारिक रहमान के 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के कुछ दिनों बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान से मुलाकात के बाद उच्चायुक्त वर्मा पत्रकारों से बात कर रहे थे।

वर्मा ने मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, 'विदेश मंत्री के साथ आज की बैठक में मैंने अपना रुख दोहराया कि हम बांग्लादेश में नयी सरकार के साथ संवाद के लिए उत्सुक हैं।' बैठक में विदेश राज्य मंत्री शमा ओबैद भी शामिल थीं। उच्चायुक्त के अनुसार, उन्होंने बताया कि 'हम परस्पर हित और पारस्परिक लाभ के आधार पर सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी सोच के साथ मिलकर काम करते हुए हर क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं।'

यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ संबंधों में गिरावट आई थी और 1971 के बाद यह अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!