अंबिकापुर/शहडोल। उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की रेल कनेक्टिविटी को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण मांग फिर चर्चा में है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, व्यापारी संगठन, छात्र, मरीज और सामाजिक संस्थाएं लगातार शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस (11201/11202) का विस्तार शहडोल से आगे अंबिकापुर तक किए जाने की मांग उठा रहे हैं। वर्तमान में यह ट्रेन प्रतिदिन शहडोल और नागपुर के बीच संचालित होती है तथा लगभग 630 किलोमीटर की दूरी तय करती है।
क्यों जरूरी है ट्रेन का विस्तार?
अंबिकापुर, मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर, सूरजपुर, विश्रामपुर और आसपास के क्षेत्रों से हर दिन हजारों लोग नागपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, जबलपुर और मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में इलाज, शिक्षा, नौकरी, व्यापार और पारिवारिक कारणों से यात्रा करते हैं। लेकिन सीधी रेल सुविधा नहीं होने के कारण यात्रियों को शहडोल, अनूपपुर या अन्य स्टेशनों पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। इससे यात्रा लंबी, महंगी और असुविधाजनक हो जाती है।
यदि इस ट्रेन का विस्तार अंबिकापुर तक किया जाता है तो उत्तर छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों को पहली बार नागपुर तक सीधी रेल सुविधा मिल सकती है।
सरगुजा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है नागपुर?
नागपुर केवल महाराष्ट्र का प्रमुख शहर ही नहीं बल्कि मध्य भारत का सबसे बड़ा मेडिकल, एजुकेशनल और लॉजिस्टिक हब माना जाता है। यहां एम्स, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संस्थान तथा बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान हैं। सरगुजा क्षेत्र के मरीज और विद्यार्थी बड़ी संख्या में नागपुर जाते हैं। सीधी ट्रेन मिलने से समय, किराया और यात्रा की परेशानी तीनों कम होंगी।
व्यापार और उद्योग को मिलेगा नया अवसर
सरगुजा संभाग कोयला, वन उत्पाद, कृषि और खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्र है। दूसरी ओर नागपुर देश का प्रमुख माल परिवहन केंद्र है। दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा रेल संपर्क होने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। छोटे व्यापारियों, उद्योगपतियों और किसानों को भी इसका लाभ मिल सकता है।
पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
अंबिकापुर और सरगुजा क्षेत्र अपने प्राकृतिक सौंदर्य, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और जंगलों के लिए प्रसिद्ध हैं। वहीं नागपुर और उसके आसपास भी कई प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल हैं। सीधी रेल सेवा से दोनों क्षेत्रों के पर्यटन को नई गति मिल सकती है।
रेलवे को भी होगा फायदा
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ट्रेन को अंबिकापुर तक बढ़ाया जाता है तो यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इससे रेलवे के यात्री राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। वर्तमान में कई यात्री बसों या निजी वाहनों का उपयोग करने को मजबूर हैं।
पहले भी उठ चुकी है मांग
इस मांग को लेकर समय-समय पर जनप्रतिनिधियों द्वारा रेल मंत्रालय को पत्र भेजे गए हैं। स्थानीय स्तर पर भी सामाजिक संगठनों और यात्रियों ने कई बार ज्ञापन सौंपकर शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस को अंबिकापुर तक विस्तारित करने की मांग की है। हाल के महीनों में भी यह मांग फिर तेज हुई है।
वर्तमान रेल स्थिति
अंबिकापुर से वर्तमान में जबलपुर, दुर्ग, हजरत निजामुद्दीन और शहडोल के लिए रेल सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन नागपुर के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे में शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस का विस्तार इस कमी को काफी हद तक दूर कर सकता है।
यात्रियों की प्रमुख मांगें
- शहडोल–नागपुर एक्सप्रेस का अंबिकापुर तक स्थायी विस्तार।
- मनेंद्रगढ़, बैकुंठपुर रोड, सूरजपुर रोड, विश्रामपुर और अंबिकापुर के यात्रियों को सीधा लाभ।
- ऐसा समय निर्धारण जिससे नागपुर में अन्य प्रमुख ट्रेनों से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सके।
- भविष्य में इस ट्रेन को दक्षिण भारत की ट्रेनों से समन्वित किया जाए।
अब सबकी नजर रेलवे पर
सरगुजा संभाग के लोगों का मानना है कि यदि रेलवे इस मांग को स्वीकार करता है तो यह केवल एक ट्रेन का विस्तार नहीं होगा, बल्कि उत्तर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और व्यापार को नई गति देने वाला फैसला साबित होगा। अब देखना यह है कि रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड इस लंबे समय से चली आ रही जन मांग पर कब सकारात्मक निर्णय लेते हैं।





















