September 15, 2026 2:35 pm

हिमाद्री सिंह और नरेंद्र सिंह मरावी का विवाह विच्छेद, आपसी सहमति से लिया अलग होने का फैसला

भोपाल
 मध्य प्रदेश में शहडोल से भाजपा सांसद हिमाद्री सिंह का भाजपा नेता नरेंद्र सिंह मरावी से विवाह विच्छेद हो गया। अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम न्यायालय ने दोनों की आपसी सहमति से तीन सितंबर 2026 को हिंदू विवाह अधिनियम 1955 की धारा 13-बी के तहत विवाह विच्छेद की डिक्री पारित की है।

उनकी शादी 23 नवंबर 2017 को हुई थी। 20 जून 2019 को बेटी का जन्म हुआ। इसके बाद छोटी-छोटी बातों को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद होने लगे। दोनों पांच मई 2021 से अलग रह रहे थे।

बेटी के पालन-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य और वैवाहिक खर्च की जिम्मेदारी हिमाद्री की होगी। उन्होंने मरावी से भरण-पोषण या गुजारा भत्ता नहीं मांगा है। बता दें कि कोर्ट ने दोनों को छह महीने का समय दिया था। दोनों ने कोर्ट को बताया कि पति-पत्नी के रूप में साथ रहना संभव नहीं है।

परिवार की परंपरागत सीट, केंद्रीय मंत्री रहे पिता 38 वर्षीय हिमाद्री सिंह 2019 से लगातार सांसद हैं। उनके पिता दलबीर सिंह परस्ते भी इसी सीट से 1980, 1984 और 1991 में तीन बार लोकसभा सांसद निर्वाचित हुए और केंद्रीय मंत्री भी बने। मां राजेश नंदिनी सिंह 1993 में विधानसभा और 2009 में लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं।

दिलचस्प संयोग यह है कि 2009 के लोकसभा चुनाव में राजेश नंदिनी ने भाजपा प्रत्याशी नरेंद्र सिंह मरावी को 13 हजार 415 वोटों से हराया था। पिता के निधन के बाद हिमाद्री ने 2016 में कांग्रेस के टिकट पर शहडोल लोकसभा उपचुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के ज्ञान सिंह से हार गईं।

23 नवंबर 2017 को हिमाद्री और नरेंद्र का विवाह हुआ। इसके बाद लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 20 मार्च 2019 को उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया।

Editor
Author: Editor

विज्ञापन
error: Content is protected !!