तेल अवीव
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में ओमानी सह-पायलट द्वारा कैप्टन मच्छर पर जानलेवा हमले की जांच के दौरान इजरायल के परिवहन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में आने वाले विदेशी विमानों के पायलटों की बैकग्राउंड चेक करना उसका काम नहीं है, ऐसी उड़ानें कभी भी 100 प्रतिशत सुरक्षित नहीं हो सकतीं
इजरायली ब्राडकास्टर कान के अनुसार, परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने कहा कि चालक दल के सदस्यों की पहचान और उनकी जांच करने का काम सुरक्षा अधिकारियों का है, न कि परिवहन मंत्रालय का। मंत्रालय के सुरक्षा विभाग ने मीडिया को बताया कि विदेशों में उनके अपने कर्मचारी तैनात नहीं होते जो हर व्यक्ति की जांच कर सकें।
विभाग के एक प्रतिनिधि के अनुसार, सुरक्षा के मामले में कुछ भी 100 प्रतिशत तय नहीं होता और मंत्रालय यह गारंटी नहीं दे सकता कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी या विदेशी एयरलाइनों की उड़ानें पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।
इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक के आरोप
इजरायली मीडिया आउटलेट चैनल 12 के अनुसार, इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शिन बेट पर उन देशों के पायलटों के प्रवेश पर रोक लगाने में लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं।
अब्राहम समझौते के तहत ऐसे देशों के पायलटों के इजरायल में उड़ान भरने पर प्रतिबंध है जिन्होंने यहूदियों के देश को औपचारिक मान्यता नहीं दी है।
ओमान ने इस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, फिर भी जांच में यह खुलासा हुआ कि पिछले कुछ वर्षों में दर्जनों ओमानी पायलट फ्लाईदुबई की उड़ानों से तेल अवीव आ चुके थे, क्योंकि इजरायल ने इसकी निगरानी का जिम्मा खुद संभालने के बजाय एयरलाइनों के भरोसे छोड़ दिया था।
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हवा में क्या हुआ था?
दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान में ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय मूल के मुख्य कैप्टन स्मित मछार पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान पर कब्जा करने की कोशिश के दौरान बोइंग 737 विमान 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया था।
आवाज सुनकर यात्रियों और केबिन क्रू ने कॉकपिट में घुसकर आरोपी सह-पायलट पर काबू पाया। इसके बाद उसी विमान में मौजूद फ्लाईदुबई के दूसरे पायलटों ने 170 से अधिक यात्रियों और चालक दल से भरे विमान को सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) इस मामले की आतंकी हमले के रूप में जांच कर रहा है।






















