October 8, 2026 1:21 am

मध्यप्रदेश की धरती पर बुंदेलखंड में चीतों को मिला तीसरा ठिकाना

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव हमारे वनों के आभूषण हैं। इन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि मप्र की धरती पर वन्य जीवों का संरक्षण और संवर्धन हमारा मिशन है और यह मिशन लगातार भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार सागर के रहली में वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते (नर 'व्योम' और मादा 'नीरा') के लिए तैयार किए गए सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट रिलीज बोमा) में विमुक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता मित्रों और बाघिन दीदी से भी संवाद किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों को नया ठिकाना मिला है। बुंदेलखंड स्थित वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य प्रदेश में तीसरा ऐसा स्थान बना है, जहां चीते अपने अनुकूल प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद होकर विचरण करेंगे। नौरादेही में 41 वर्ष पहले टाइगर रिजर्व की स्थापना हुई थी। यह अभयारण्य सबसे खास होगा, क्योंकि अब नौरादेही में पर्यटकों को चीता और टाइगर एक ही रिजर्व में विचरण करते नजर आएंगे। मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 तक पहुंच गई है। प्रदेश की धरती वन्य प्राणियों के लिए सबसे अनुकूल है। मध्यप्रदेश, देश में सबसे अधिक टाइगर और गिद्धों की संख्या वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन और वन्य प्राणियों की चिंता करते हुए उनका सभी प्रकार से संरक्षण कर रही है। मध्यप्रदेश में जलचर, थलचर और नभचर सभी प्रकार के जीवों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। राज्य में नर्मदा मैया के वाहन मगरमच्छ को भी संरक्षण दिया जा रहा है।

वन समितियों को 20 करोड़ रूपये लाभांश के वितरित

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते यह हमारा दायित्व है कि कठिन समय में क्षेत्र के नागरिकों के लिए साथ खड़े रहें। वन्य जीव सप्ताह के समापन के अवसर पर आज वन समितियों को उनके लाभांश का वितरण भी किया गया। नौरादेही टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटकों को घुमाने और उन्हें सुविधाएं प्रदान करने वाली समितियों के सदस्यों को कुल 80 करोड़ की आय में से 20 करोड़ लाभांश के रूप में मिला है।

होमस्टे बनाकर अर्जित करें आय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन क्षेत्र के आसपास बफर जोन में होमस्टे सर्विस को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गांव में रहने वाले लोग अपने मकान में एक से दो कमरे होमस्टे के लिए तैयार करें और स्वरोजगार पाएं। राज्य सरकार होमस्टे तैयार करने के लिए 2 से 3 लाख रुपए का अनुदान भी दे रही है।

ग्राम पंचायतों में बन रही दूग्ध संकलन समितियाँ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में हमारी सरकार गौपालन और दूध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। गौपालकों से उचित मूल्य पर दूध खरीदने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सहकारी दूध संकलन समिति बनाई जा रही हैं। इससे किसानों को दूध से निश्चित आय मिलेगी। राज्य सरकार ने पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री  अमित शाह की मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश की दूध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। 

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कूनों में शुरू हुआ चीता प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की धरती से पहले टाइगर और चीते विलुप्त होते जा रहे थे। आज प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और सेवा संकल्प के 25 वर्ष पूर्ण हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी नेतृत्व और मार्गदर्शन में एशिया की धरती पर पहली बार कूनो अभयारण्य से चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। हमारा प्रयास है कि वनों में सभी वन्य जीव आबाद रहे और मनुष्य भी सहअस्तित्व के भाव से निवास करें। दोनों अपने अनुशासन का पालन करें। आज नौरादेही अभयारण्य में 2 चीते मुक्त आवास में छोड़े गए हैं। अगले महीने 2 और चीते यहां लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि चीता एक ऐसा जीव है, जो सभी को लेकर साथ चलता है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि आज का दिन सागर जिले के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा। नौरादेही टाइगर रिजर्व में लगभग 20 लाख हैक्टेयर वनक्षेत्र है। यहां चीतों को लाए जाने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। आज हमें दो चीतों की सौगात मिली है। बुंदेलखंड का समग्र विकास मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के आयोजन से बुंदेलखंड के अनेक स्थानों पर नए उद्योगों की स्थापना हो रही है। पर्यटन क्षेत्र में भी विकास की अपार संभावनाएं हैं, इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

विधायक एवं पूर्व मंत्री  गोपाल भार्गव ने कहा कि 41 साल पहले नौरादेही अभयारण्य घोषित होते ही स्थानीय लोग आशंकित हो गए थे, कि अब वे जंगल नहीं जा पाएंगे और मवेशियों को कहां लेकर जाएंगे। ऐसे समय में उन्होंने जनजागरुकता के लिए पद यात्रा की थी। विधायक  भार्गव ने कहा कि विपक्ष की सरकार रहते हुए रहली क्षेत्र में विकास की रफ्तार पर ब्रेक लग गया था, लेकिन जब से राज्य में हमारी सरकार आई, क्षेत्र में हर तरफ सड़कें, नदियों पर पुल और गांव-गांव में स्कूल भवन बनकर तैयार होते चले गए।

सांसद  राहुल सिंह ने कहा कि नौरादेही टाइगर रिजर्व बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। यहां आज चीते छोड़े गए हैं, जिससे भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए अलग-अलग भाषाओं के प्रशिक्षण के लिए सेंटर खोलने की मांग की। सांसद  सिंह ने कहा कि युवा भाषाई ट्रेनिंग लेकर दक्षता के साथ अच्छे गाइड बन पाएंगे, जो पर्यटकों को सही और सटीक जानकारी प्रदान करेंगे।

कार्यक्रम में विधायक  बृज विहारी पटेरिया, विधायक  प्रदीप लारिया, विधायक  शैलेंद्र सिंह, विधायक  वीरेंद्र सिंह लम्बरदार, प्रमुख सचिव वन  राघवेंद्र सिंह, वनबल प्रमुख  शुभरंजन सेन, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) डॉ. समिता राजौरा, मती रानी कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने पुस्तक, ब्रोशर और पोस्टर का किया विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पुस्तक, 'गिद्ध संख्या आंकलन 2026', बुंदेली बोली में तैयार वीडीटीआर के पोस्टर, जनभागीदारी आधारित बाघिन दीदी अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया।

 

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Author: Editor

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