नई दिल्ली
दिल्ली की डीटीसी और क्लस्टर बसों में महिलाओं के मुफ्त सफर के लिए शनिवार 3 अक्टूबर से पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड अनिवार्य हो गया है। परिवहन विभाग ने शनिवार को दिल्ली परिवहन निगम (मुफ्त एवं रियायती पास) नियमों में संशोधन कर अधिसूचना जारी कर पिंक टिकट की व्यवस्था खत्म कर दी। अब मुफ्त यात्रा के लिए महिला यात्रियों को बस में वैध पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड टैप करना होगा। कार्ड नहीं होने पर किराया देकर सामान्य टिकट लेना पड़ेगा।
कौन कौन बनवा सकता है पिंक कार्ड
अधिसूचना के मुताबिक, दिल्ली की रहने वाली महिलाएं पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड के जरिए डीटीसी और क्लस्टर की एसी व नॉन-एसी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। ट्रांसजेंडर्स को भी यह सुविधा दी गई है। 12 साल या उससे अधिक उम्र की महिला जिनके पास दिल्ली का आधार कार्ड है, वह कार्ड बनवा सकती हैं। दिल्ली में रोजाना औसतन 6-7 लाख महिलाएं सफर करती हैं।
NCR की महिलाओं को देना होगा किराया
अब नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे एनसीआर के शहरों से दिल्ली आने-जाने वाली महिलाओं को बसों में फ्री सफर की सुविधा नहीं मिल सकेगी। उन्हें निर्धारित किराया देकर टिकट खरीदना पड़ेगा। चूंकि पिंक सहेली कार्ड सिर्फ उन्हें जारी किए जा रहे है, जिनके पास दिल्ली का आधार कार्ड है। पहले बसों में मिलने वाले पिंक टिकट के जरिए हर महिला को मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती थी।
19 लाख पिंक सहेली कार्ड हो चुके जारी
दिल्ली में 19 लाख पिक सहेली कार्ड जारी हो चुके है। सरकार ने कागजी पिक टिकट को खत्म कर स्मार्ट कार्ड व्यवस्था लागू करने की तैयारी बीते 8 मार्च से ही शुरू कर दी थी। पिक टिकट की समयसीमा पहले अगस्त और सितंबर में कई बार बढाई गई थी। आखिरी बार इसे 30 सितंबर तक बढ़ाया गया था। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में कुल 38 सेंटर पर अभी भी पिंक सहेली कार्ड बनाए जा रहे हैं।






















