कोलकाता
भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने शुक्रवार 6 नवंबर 2026 को इस फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा की. मोहम्मद शमी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी।
36 वर्षीय शमी ने एक वीडियो पोस्ट करके अपने संन्यास की घोषणा की. बता दें, महाराष्ट्र के खिलाफ बंगाल के लिए एक मैच खत्म होने के ठीक 24 घंटे से कुछ अधिक समय बाद, उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है. हालांकि, वह पूरी तरह से खेल से संन्यास नहीं ले रहे हैं, शमी ने स्पष्ट किया कि वह 50 ओवर के क्रिकेट और T20 मैच खेलना जारी रखेंगे।
शमी ने भारत के लिए 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए हैं. वह काफी समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं. 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है. चोटों के कारण भी उन्हें लंबे समय तक खेल से दूर रहना पड़ा. बंगाल के साथ घरेलू क्रिकेट में वापसी करते हुए उन्होंने अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया, लेकिन लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, वह राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह वापस नहीं बना पाए. उन्होंने इस बात पर अपनी निराशा जताई और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष अजीत अगरकर की आलोचना भी की।
सोशल मीडिया पर अपनी रिटायरमेंट की घोषणा करते हुए शमी ने लिखा कि मैं भले ही सफेद जर्सी को अलविदा कह रहा हूं, लेकिन इससे जुड़ी यादों को कभी अलविदा नहीं कह सकता. जब उन्होंने पहली बार भारतीय टेस्ट जर्सी पहनी थी, तब उनका बस एक ही सपना था: अपने देश के लिए योगदान देना. तब से लेकर अब तक, लिए गए हर विकेट, झेले गए हर मुश्किल दौर, हर चोट और हर वापसी ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है।
शमी ने कहा कि मेरे लिए टेस्ट क्रिकेट सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं है, बल्कि यह मेरे जीवन का एक बहुत ही खास अध्याय है. भारी मन से, लेकिन अनगिनत खूबसूरत यादों को साथ लेकर, मैं टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं. उन्होंने इस लंबे सफर में मिले सहयोग के लिए अपने साथियों, कोचों, परिवार और देश भर के क्रिकेट प्रशंसकों को धन्यवाद दिया. उन्होंने BCCI और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) का भी आभार जताया और इन दोनों संस्थाओं को धन्यवाद दिया कि उन्होंने उनकी प्रतिभा पर भरोसा किया, उन्हें मौके दिए और उनके क्रिकेट करियर को संवारने में मदद की।
शमी ने भारत के लिए कई यादगार टेस्ट मैच खेले हैं. उनकी गेंदबाजी, खासकर विदेशी धरती पर, भारतीय टीम की सफलता में अहम रही है. उन्होंने बार-बार चोटों से उबरकर मैदान पर वापसी करके एक मिसाल भी कायम की है. भले ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में अपनी आखिरी गेंद फेंक दी हो, लेकिन इस भारतीय तेज गेंदबाज ने कहा है कि अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का गर्व उनके दिल में जीवन भर रहेगा।






















