भोपाल
मध्यप्रदेश के आइएएस पति पत्नी अवैध संपत्ति मामले में ऐसे फंसे हैं कि सालों बाद भी मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। एमपी कैडर के पूर्व आइएएस दिवंगत अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ ईडी ने पूरक अभियोग पेश किया है। पूर्व आइएएस दंपत्ति पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में यह कार्यवाही की गई है। ईडी ने दिवंगत अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ दूसरी सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट (SPC) दाखिल की। भोपाल स्थित विशेष PMLA न्यायालय में 31 मार्च को इस संबंध में शिकायत पेश की गई थी। ईडी का आरोप है कि जोशी दंपत्ति ने 41.87 करोड़ रुपए की अवैध चल अचल संपत्ति जुटाई।
दिवंगत आइएएस अधिकारी अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया था। इसके आधार पर सन 2002 में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की जांच की शुरुआत की। ईडी ने जांच में पाया कि दोनों अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग कर अवैध संपत्ति बनाई थी।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मध्यप्रदेश कैडर के पूर्व आइएएस दंपती अरविंद जोशी और टीनू जोशी के खिलाफ दूसरी पूरक अभियोग शिकायत दायर की है। ईडी ने लोकायुक्त में जोशी दंपति के खिलाफ दर्ज मामले के आधार पर जांच शुरू की थी। इसमें उन पर 41.87 करोड़ की चल- अचल संपत्ति रखने का आरोप था। जो उनकी वैध आय से कई गुना ज्यादा थी। इसके बाद ईडी की जांच में खुलासा हुआ था कि अरविंद जोशी और टीनू जोशी ने अपने नाम और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों की चल और अचल संपत्ति जमा कर रखी थी।
इससे पहले ईडी ने अवैध रूप से अर्जित करीब 8.60 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने के लिए तीन अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किए
ईडी की जांच में यह तथ्य भी सामने आया था कि अरविंद जोशी ने कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम पर भी संपत्तियां बनाई। इस दौरान संपत्ति के स्वामित्व को छिपाने के लिए जानबूझकर तीसरे पक्ष को शामिल किया। बता दें इससे पहले ईडी ने अरविंद जोशी और उनके परिवार के सदस्यों की अवैध रूप से अर्जित करीब 8.60 करोड़ रुपए की संपत्तियों को जब्त करने के लिए तीन अस्थायी कुर्की आदेश भी जारी किए थे। इसके बाद 28 जनवरी को एक और अंतरिम कुर्की आदेश जारी किया गया। जिसमें जोशी और उनके परिवार के सदस्यों की लगभग 5 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की गईं।






















