September 22, 2026 12:54 am

दिल्ली सरकार का स्वास्थ्य विभाग में सुधार अभियान, लंबे समय से तैनात डॉक्टरों का होगा तबादला

नई दिल्ली
सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (CPA) में कथित भ्रष्टाचार के मामले में 40 से अधिक मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों के ट्रांसफर के साथ डॉक्टर वत्सला अग्रवाल और डॉक्टर विजय कुमार रंगा को सस्पेंड किया गया था। अब दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में प्रशासनिक सुधार और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में बढ़ा कदम उठाते हुए तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों की सिफारिश एलजी से की है।

39 डॉक्टरों का किया जा सकता है तबादला
प्रस्ताव के मुताबिक 5 साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह कार्यरत 39 डॉक्टरों का तबादला किया जा सकता है। इनमें कई डॉक्टर ऐसे भी है, जो 2014 से लगातार एक ही स्थान पर तैनात है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, तिहाड़ और मंडोली जेलों में कार्यरत स्पेशलिस्ट डॉक्टरों और जनरल ड्यूटी मेडिकल अधिकारियों (जीडीएमओ) को मिलाकर 39 डॉक्टरों के ट्रांसफर का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इनके स्थान पर करीब 35 अन्य डॉक्टरों की तैनाती भी प्रस्तावित है। इस तरह कुल 74 ट्रांसफर किए जाने की योजना है।

ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी
सरकार का कहना है कि किसी भी विभाग में लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनाती रहने से कार्यप्रणाली प्रभावित हो सकती है। ऐसे में समय-समय पर पोस्टिंग की समीक्षा और ह्यूमन रिसोर्स का संतुलित उपयोग जरूरी है। इसी सोच के तहत जेल अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिश की
गई है।

तैनात कर्मचारियों की समीक्षा की जा रही
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न इकाइयों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और जनहित केंद्रित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कारण विभिन्न संस्थानों में तैनात कर्मचारियों और अधिकारियों की समीक्षा की जा रही है और जरूरत के अनुसार बदलाव किए जा रहे हैं। तिहाड़ और मंडोली जेलों में लंबे समय से तैनात डॉक्टरों के ट्रांसफर की सिफारिशें भी इसी प्रशासनिक सुधार अभियान का हिस्सा है।

 

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Author: Editor

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