भोपाल
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने उपनिरीक्षक और सूबेदार भर्ती परीक्षा का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया। 500 रिक्त पदों के लिए आयोजित भर्ती प्रक्रिया में केवल 436 अभ्यर्थियों का चयन हो सका। महिला और अन्य आरक्षित वर्गों में पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होने के कारण 64 पद खाली रह गए। अंतिम मेरिट सूची में ओबीसी वर्ग के संजय परमार ने 595.98 अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। शीर्ष-10 सफल अभ्यर्थियों में पांच उम्मीदवार ओबीसी वर्ग से हैं।
5,113 अभ्यर्थी पहुंचे दूसरे चरण तक
कर्मचारी चयन मंडल के अनुसार लिखित परीक्षा के बाद कुल 5,113 अभ्यर्थी अगले चरण के लिए पात्र घोषित किए गए थे। इनमें से रिक्त पदों के तीन गुना यानी 1,692 अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। अंतिम चयन सूची लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की गई।
64 पद खाली रह गए
भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सभी 500 पद नहीं भर सके। महिला एवं अन्य आरक्षित वर्गों में पर्याप्त योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने से केवल 436 पदों पर ही चयन हो पाया। मंडल ने नियमों के अनुसार कुछ रिक्त पदों का वर्ग परिवर्तन भी किया, लेकिन इसके बावजूद सभी पद नहीं भरे जा सके।
समान अंक मिलने पर ऐसे तय हुई वरीयता
मंडल के अधिकारियों ने बताया कि समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की वरीयता आयु और आरक्षण संबंधी नियमों के आधार पर तय की गई। वहीं पूर्व सैनिकों को शासन के प्रावधानों के अनुसार मुख्य चरण की प्रारंभिक परीक्षा में 5 प्रतिशत अतिरिक्त अंकों का लाभ दिया गया।
ऐसा रहा कटऑफ
सूबेदार : 571.16 अंक
विशेष सशस्त्र बल उपनिरीक्षक : 497.27 अंक
जिला पुलिस बल उपनिरीक्षक : 505.206 अंक
शीर्ष-10 में ओबीसी वर्ग का दबदबा
अंतिम मेरिट सूची में पहले दस स्थानों में पांच अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग से हैं। इसके अलावा तीन उम्मीदवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और दो उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग से चयनित हुए हैं।
अब होगी दस्तावेज जांच और चिकित्सकीय परीक्षण
कर्मचारी चयन मंडल ने परिणाम के साथ पदवार, श्रेणीवार और संवर्गवार कटऑफ भी जारी कर दिया है। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, चिकित्सकीय परीक्षण और नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया पुलिस विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। अभ्यर्थी कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना परिणाम देख सकते हैं। मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि परिणाम में किसी प्रकार की तकनीकी त्रुटि सामने आती है, तो आवश्यक संशोधन करने का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा।





















