रायपुर.
राजधानी रायपुर में हनुमान जी का एक अद्भुत और अनोखा मंदिर है, जहां भक्त अपनी मनोकामनाएं कागज पर लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करते हैं। इसी कारण यह स्थान “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के नाम से प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि यहां लिखकर दी गई प्रार्थनाओं को हनुमान जी विशेष रूप से स्वीकार करते हैं और भक्तों की समस्याएं दूर करते हैं।
बताया जाता है कि यहां चिट्ठी लिखने के एक साल के भीतर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। “चिट्ठी वाले हनुमान जी” मंदिर बूढ़ातालाब के पास कैलाशपुरी और टिकरापारा जाने वाले मोड़ पर स्थित है। मंदिर के पुजारी नरेंद्र चौबे के अनुसार, पिछले चार-पांच वर्षों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंच रहे हैं और प्रसाद, फल-फूल के साथ अपनी चिट्ठियां भी अर्पित कर रहे हैं। मंदिर में आने वाले भक्त नौकरी, धन-समृद्धि, कर्ज से मुक्ति, परिवार में शांति और अन्य मनोकामनाएं एक कागज पर लिखकर हनुमानजी के चरणों में समर्पित करते हैं, जो सालभर के भीतर पूरी हो जाती है। कई श्रद्धालुओं ने यह अनुभव साझा किया है कि उनकी मनोकामनाएं सालभर में पूरी हुई है।
रोज सुबह भक्तों की लगती है भीड़
मंदिर में रोजाना सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रहती है, खासकर मंगलवार और शनिवार को यहां विशेष भीड़ देखने को मिलती है। स्थानीय लोगों के बीच यह मंदिर अब गहरी आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग अपनी उम्मीदों और विश्वास के साथ “चिट्ठी वाले हनुमान जी” के दरबार में हाजिरी लगाते हैं।






















